कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिले को लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन के बाद भी लोग अपने कामों को करने के लिए घरों से बाहर निकल रहे हैं। घरों से बेवजह निकलने वाले लोगों के शहर में लगे पुलिस नाकों पर 40 चालान काटे और सात बाइक इंपाउंड किए। पुलिस द्वारा अधिकतर लोगों को घर वापस भेज रही है ताकि संक्रमण न फैले। शहर भर में गाड़ियों के माध्यम से घोषणा करवाई जा रही है, प्रशासन द्वारा लोगों को अपने घरों में ही रहने की हिदायत दी जा रही है। एक बुलेट का भी करीब 22 हजार रुपये का चालान काटा गया।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए जिले को मंगलवार को लॉक डाउन कर दिया गया है। लॉक डाउन के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा कुल 21 नाके लगाकर लोगों को घरों से बाहर से निकालने और गैर जरूरी यात्रा करने के लिए रोका गया। लेकिन आम लोगों को परेशानी न हो इसलिए किराना, मेडिकल और फल सब्जियों की रेहड़ियां आम लोगों के लिए खुली रही। खुली हुई दुकानों से सामान लाने और मेडिकल से दवाइयां लाने के लिए अधिकतर लोग अपने घरों से बिना मास्क और हेलमेट के बाहर निकले। जिसके चलते यातायात पुलिस ने कुल 40 चालान काटे और सात बाइक को इंपाउंड किया गया।
एसएचओ बहादुर सिंह ने बताया कि लॉकडाउन की स्थिति में लोग बिना हेलमेट और मास्क के घरों से बाहर निकल रहे हैं। मास्क न होने से दूसरे लोगों में संक्रमण फैलने का डर बना रहता है। शहर के अधिकतर लोग बिना किसी काम से घरों के बाहर निकल रहे है। लॉकडाउन की स्थिति में जरूरी हो तो ही घरों से बाहर निकले। शहर में कुल 21 नाके लगाकर लोगों को शहर में प्रवेश करने से रोका जा रहा है, ताकि शहर में कम से कम लोग आए।
जिले को लॉकडाउन किया गया है, बिना किसी काम से घरों के अगर कोई बाहर निकलता है तो उसका चालान किया जाएगा। केवल जरूरी चीजों की ही सप्लाई होगी।
-आर्यन चौधरी ,डीएसपी, सिरसा।