संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने सोमवार को बयान जारी करते हुए कहा कि किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का आमरण अनशन 43वें दिन में पहुंच गया है। इसके बाद भी केंद्र सरकार कोई कदम नहीं उठा रही। सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में 10 जनवरी को गांव स्तर पर प्रधानमंत्री के पुतले फूंके जाएंगे।
उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित हाई पावर कमेटी पूर्व न्यायाधीश नवाब सिंह की अध्यक्षता में जगजीत सिंह डल्लेवाल का हालचाल जानने के लिए मोर्चे पर पहुंची। उन्होंने जगजीत सिंह डल्लेवाल के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जाहिर की। जगजीत सिंह डल्लेवाल ने नवाब सिंह से कहा कि उनकी जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण उन किसानों की जिंदगियां थीं, जिन्होंने सरकार की गलत नीतियों के कारण आत्महत्या कर ली। मैं जिंदा रहूंगा या नहीं, एमएसपी गारंटी का कानून बनना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
उन्होंने नवाब सिंह से निवेदन किया कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को आदेश दे कि खेती के विषयों पर बनी संसद की स्थायी कमेटी की रिपोर्ट का सम्मान करते हुए एमएसपी गारंटी का कानून बनाया जाए। इस अवसर पर बीकेई प्रदेश महासचिव अंग्रेज सिंह कोटली, तलविंद्र सिंह सोखी, काका सिंह कंवर मौजूद रहे।