सिरसा। एक ऐसा स्कूल, जो 20 वर्षों से अपने लिए स्थायी इमारत हासिल नहीं कर पाया। कभी धर्मशाला में तो कभी पार्क के कमरे में विद्यार्थी पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्थायी शिक्षक भी नहीं है। ऐसे में दो शिक्षकों की डेपूटेशन पर व्यवस्था की गई है। पार्क के एक मात्र कमरे में ही कक्षा कक्ष, मिड-डे मील, कार्यालय संचालित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए शौचालय तक की व्यवस्था नहीं है। हम बात कर रहे हैं डबवाली शहर के राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर-4 की।
राजकीय प्राइमरी स्कूल नंबर चार को चलते हुए 20 साल हो गए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग अभी तक स्कूल को भवन उपलब्ध नहीं करवा पाया है। पहले करीब 10 साल तक यह स्कूल भगवान वाल्मीकी धर्मशाला चला रहा था। इसके बाद अब यह स्कूल 2010 से शहर के इंप्रूव पार्क में बने एक कमरे में चल रहा है। एक कमरे में डेपुटेशन पर दो शिक्षिका 70 बच्चे पढ़ाई कर रहीं हैं। इससे पहले स्थायी रूप से पहले जो शिक्षिका बच्चों को यहां पढ़ाती थीं, दो महीने पहले उनको प्रमोशन मिल गई। संवाद
4 महीने से भूखे पेट लौट रहे नौनिहाल, नहीं मिला मिड-डे मील का राशन
स्कूल में पढ़ रहे नौनिहाल चार महीने से भूखे पेट ही घर लौट रहे हैं। बताया जा रहा है कि चार महीने से स्कूल को मिड-डे मील के तहत राशन ही नहीं मिला है। ऐसे में समस्या गंभीर है। या तो बच्चों को घर से खाना लेकर आना पड़ता है या फिर भूखे पेट ही पढ़ाई करनी पड़ती है।
टाट पट्टी पर बैठकर बच्चे करते हैं पढ़ाई
प्राइमरी स्कूल में सिर्फ 3 से 4 बेंच ही हैं। वहीं बच्चों की संख्या 70 के करीब हैं। ज्यादातर बच्चे नीचे टाट पट्टी पर ही बैठकर पढ़ाई करते हैं। स्कूल शिक्षिका रानी देवी व अर्चना रानी का कहना है कि वे दो महीनेे पहले ही इस स्कूल में पढ़ाने के लिए आई हैं। तब से ही स्कूल का ये ही हाल है। कभी भी स्कूल के निरीक्षण के लिए बीईओ स्कूल में नहीं आए हैं।
शौचालय के लिए भी परेशानी, सुलभ शौचालय इस्तेमाल करने पर आनाकानी
वार्डवासी बच्चों को पार्क में स्थापित किए सुलभ शौचालय को इस्तेमाल नहीं करने देते हैं। शौचालय पर लोगों ने ताला लगाया हुआ है। लोगों का कहना है कि सुबह-शाम यहां लोग घूमने के लिए आते हैं। अगर ये शौचालय बच्चे इस्तेमाल करेंगे तो बदबू और गंदगी से लोगों का घूमना मुश्किल हो जाएगा। इसीलिए शिक्षिकाएं व बच्चे पार्क में बने टूटे-फूटे एक कमरे में शौच जाते हैं, जो किसी भी समय में गिर सकता है।
मामला मेरे संज्ञान में है। स्कूल को इमारत दिलाने के लिए प्रक्रिया चल रही है। एसडीएम से कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन जगह नहीं मिल पा रही है। इसके कारण समस्या हल नहीं हो पा रही है। - लक्ष्मी कुमार, कलस्टर को-ऑडिर्नेटर, डबवाली