धरने पर बैठे बच्चे और ग्रामीण।
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सिरसा के गांव चोरमार खेड़ा के सरकारी प्राथमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल बनाया गया है जिसके अंतर्गत बच्चों से फीस लेने का भी प्रबंध किया गया है। फीस लेने के विरुद्ध और स्कूल में कमरों की गिनती बेहद कम होने के कारण मंगलवार को गांव चोरमार के लोगों ने स्कूल पर ताला लगा दिया और धरने पर बैठ गए। सुबह ग्रामीणों ने स्कूल गेट को ताला लगा दिया जिसके कारण अध्यापक व बच्चे स्कूल में नहीं जा पाए।
धरने को संबोधित करते हुए धर्मेंद्र, गुरप्रीत, रणजीत, संदीप, नौजवान भारत सभा के पावेल, कुलदीप आदि ने कहा कि हरियाणा सरकार नई शिक्षा नीति के तहत सरकारी स्कूलों को मॉडल स्कूलों में बदल रही है। जिसके तहत अब बच्चों से वार्षिक फीस के तहत मासिक फीस भी वसूली जा रही है जोकि शिक्षा के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। मेहनतकश तबके से संबधित लोग फीस देने में असमर्थ हैं, ऐसे में संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा। और तो और बच्चों के बैठने के लिए कमरों तक का भी उचित प्रबंध नहीं है। बच्चों के बैठने के लिए महज तीन कमरे हैं जबकि कम से कम 12 कमरों की जरूरत है।