नगर परिषद कार्यालय की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में गृहकर जमा करवाते शहरवासी।
सिरसा। प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए नगर परिषद पूरे साल लोगों को जागरूक करती रही। इसके बाद भी 60 प्रतिशत प्रॉपर्टी मालिकों ने ही अपना टैक्स भरा है। टैक्स भरने को लेकर बड़े प्रॉपर्टी टैक्स मालिक गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। इसका खामियाजा नगर परिषद को भुगतना पड़ रहा है। क्योंकि प्रॉपर्टी टैक्स से आए करोड़ों रुपये को ही शहर के विकास में खर्च किया जाता है।
इस वर्ष के लक्ष्य को अभी तक नगर परिषद प्रशासन पूरा नहीं कर पाया है। जिस तरह से दो दिनों से लोगों के प्रॉपर्टी टैक्स भरने की गति है उससे नहीं लगता कि इस साल भी नगर परिषद अपने 7 करोड़ के लक्ष्य को पूरा कर पाएगी। बता दें कि नगर परिषद ने 31 मार्च से पहले टैक्स भरवाने को लेकर 200 से ज्यादा सरकारी व निजी प्रॉपर्टी मालिकों को नोटिस भी थमाए थे। उसके बाद भी प्रॉपर्टी टैक्स भरने को लेकर ज्यादा रुचि लोग नहीं दिखा रहे हैं। सभी लोग छूट का इंतजार कर रहे हैं। जो इस साल प्रदेश सरकार ने नहीं दी है। इसी छूट के चक्कर में प्रतिदिन 50 से 70 लोग ही अपना प्रॉपर्टी टैक्स भर रहे हैं।
छूट की जानकारी लेकर लौट रहे नागरिक : नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार पिछले चार वर्षों से लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स पर छूट मिलती आई है। कभी शत प्रतिशत ब्याज तो कभी एरिया पर 30 प्रतिशत की छूट मिली है। कभी दोनों ही छूट लोगों को दी गई हैं। सरकार की इस छूट का जहां पर निकायों को नुकसान उठाना पड़ा है वहीं, शहरवासी भी छूट के चक्कर में गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं। छूट के चलते करोड़ों रुपये का नुकसान पिछले तीन से चार सालों में नगर परिषद को हुआ है।
पिछले वर्ष भी लक्ष्य नहीं हो पाया था पूरा
नगर परिषद ने पिछले साल 7 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स का लक्ष्य रखा था। जिसमें से चार करोड़ से साढ़े चार करोड़ के बीच ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो पाया था। सरकारी विभाग से टैक्स की वसूली नहीं हो पाई थी। कुछ इसी प्रकार के हालात इस बार भी बने हुए हैं।
लोगों से अपील है कि वह अपना प्रॉपर्टी टैक्स जरूर भरे। लोग प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराएंगे तभी विकास कार्यों को आसानी से नगर परिषद कर पाएगी। इसलिए शहरवासी दो दिनों के अंदर अपना प्रॉपर्टी टैक्स जरूर भरे। अतर सिंह खनगवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, सिरसा।