बता दें कि मुख्यमंत्री के आगमन पर ही इन सड़कों पर वाहनों को व्यवस्थित किया जाता है और अतिक्रमण भी नजर नहीं आता है। उपायुक्त आवास से लेकर एसपी आवास तक बरनाला रोड पर है। सभी विभागों के अधिकारी इसी मुख्य रोड से गुजरते हैं, लेकिन सड़कों पर अतिक्रमण किसी को नजर नहीं आता। पार्किंग की जगह पर दुकानदार ने कब्जा कर रखा है। इस कारण लोग वाहन को सड़कों पर ही खड़ा कर रहे हैं।
यह हैं आदेश
1 शहर के सभी बाजारों में सड़कों के साथ मार्किंग होनी चाहिए। जहां पर दुपहिया व चौपहिया वाहन खड़े हो।
2 सेक्टर से लेकर मुख्य बाजारों में जहां भी मार्केट में पार्किंग है, वहां पर दोपहिया और चौपहिया वाहनों की पार्किंग के लिए मार्किंग हो।
3 जहां पर जाम लगता है, उन एरिया से रेहड़ी व अन्य अतिक्रमण को हटाया जाए, ताकि पार्किंग की व्यवस्था बन सके।
दो विभागों को करनी होती है कार्रवाई
1 यातायात पुलिस नियमित रूप से अभियान चलाकर वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करती है, ताकि कोई व्यक्ति पीली पट्टी से बाहर वाहन खड़ा न करें। वाहन जब्त करने के साथ साथ चालान काटने का प्रावधान है।
2 नगर परिषद का कार्य होता है कि वह दुकानों के बाहर बनी पार्किंग की जगहों पर अतिक्रमण न होने दें। यदि कोई अतिक्रमण करता है तो उसका सामान जब्त करें, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जाती।
यातायात पुलिस चलाती है अभियान
यातायात पुलिस की ओर से सड़कों पर पीली पट्टी से बाहर वाहन खड़े करने वालों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की जाती है। इतना ही नहीं, बाजारों में अतिक्रमण भी हटवाया जाता है। लेकिन नगर परिषद द्वारा अपने स्तर पर कार्रवाई नहीं की जा रही। इसके चलते बाजारों व मुख्य सड़कों पर लोगों व व्यापारियों ने अतिक्रमण किया हुआ है।
सड़कों पर खड़े होने वाले वाहनों पर नियमित रूप से कार्रवाई की जाती है। दुकानों से बाहर लोग अतिक्रमण किए हुए है। इस संबंध में कई बार नगर परिषद के अधिकारियों के साथ पत्राचार किया जा चुका है, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
- धर्मचंद, एसएचओ, यातायात पुलिस