रानियां। गांव गिंदड़ा में पंचायती जमीन पर बने घरों का कब्जा छुड़वाने की कार्रवाई पैमाई करने के बाद दो दिनों के लिए स्थगित कर दी गई। गांव में कब्जा छुटवाने के हाई कोर्ट के आदेश पर दो महीने पूर्व जारी हुए थे। आदेशों के बाद कब्जाधारियों को पंचायती जमीन खाली करने के लिए 6 जनवरी अंतिम तारीख दी गई थी। इस कब्जा कार्रवाई में पंचायती राज विभाग के एसडीओ रानियां से अंकुर को डयूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया ।
जानकारी के अनुसार सुबह कब्जा कार्रवाई के लिए सुबह करीब 12 बजे डयूटी मजिस्टे्रट अंकुर, कानूनगो अशोक कुमार, ग्राम सचिव अमित कुमार, दिनेश कुमार एसएचओ रानियां, धर्मवीर एसएचओ सिरसा पुलिस बल के साथ सरपंच जसवंत घोड़ेला व ग्राम पंचायत की मौजूदगी में कब्जा स्थल पर पहुंचे। इस दौरान गांव में कोर्ट के आदेशों की पालना करने पहुंचे प्रशासन के समक्ष ग्राम पंचायत व कब्जाधारियों ने मकान खाली करने के लिए दो दिनों का समय मांगा है। ग्राम पंचायत व ग्रामीणों की समस्या को सुनते हुए कार्रवाई डयूटी मजिस्टे्रट अंकुर एडीओ पंचायती राज विभाग रानियां ने मकान खाली करने के लिए आगामी दो दिनों के लिए कब्जाधारियों व ग्राम पंचायत को समय दिया है।
वहीं , दूसरे पक्ष से भागीरथ व रणवीर का कहना है कि शिकायतकर्ता की खुद की दुकान व मकान का कुछ हिस्सा पंचायती जगह में आता है । जिसने पैसों के बल पर केस जीता है । इस केस में पूरी राजनीति शामिल है। उन्होंने कहा है कि वे आर्थिक रूप से कमजोर हैं , इसलिए वो इन्हें केस के दम पर दबाना चाहता है। आपको बता दें कि इस गली में करीब 12 परिवार ऐसे हैं , जिनके मकान व दुकानें पंचायती जगहों पर बनाई गई है। इनमें से कुछ लोगों ने कोर्ट के आदेश आते ही अपने मकानों को पंचायती जगहों से तोड़कर अपनी जगहों पर बनाने शुरू कर दिए है तो वहीं कुछ लोग अभी भी पंचायती पैमाइश को गलत बताते हुए पंचायती जगहों पर बने बैठे हैं।
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ये है मामला
शिकायतकर्ता घनश्याम पुत्र रामजी लाल ने वह गांव में खाद-बीज, किटनाशक विक्रेता तथा व्यापार का कार्य करता है। उसके दुकान पर सामान से भरे ट्रक आते जाते रहते हैं और भागीरथ पुत्र रामप्रताप, रणवीर पुत्र रामप्रताप व महावीर पुत्र रामेश्वर उनके पड़ोसी हैं। बताया कि वर्ष जनवरी 2017 में में भागीरथ व रणवीर ने पंचायती गली में कुई खोदने का कार्य कर रहे थे। उस समय घनश्याम ने उन्हें गली में कुई खोदने के लिए मना किया था लेकिन उन्होनें घनश्याम को गालि गलौच किया और कार्रवाही करने की धमकी दी। जिसके बाद घनश्याम ने जनवरी 2017 में सीएम विंडों पर अपनी शिकायत दर्ज करवाई। घनश्याम ने बताया कि उनके घरों के आगे से करीब साढे 38 फीट चौड़ी गली है और भागीरथ, रणवीर व महावीर ने कब्जा कर रखा है। जिसके बाद उनका केस सिविल कोर्ट, सैशन कोर्ट से होते हए हाई कोर्ट पहुंचा जहा पर वह केस जीत गया और करीब दो महीने पूर्व पंचायती गली पर कब्जे में बने मकानों को खाली करने के आदेश आ गए। जिनकी अन्तिम तिथि 6 जनवरी है।
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यह गली करीब साढे 38 फुट चौड़ी है । इसमें एक दर्जन घरों का पंचायती जगह पर कब्जा है। अब घनश्याम द्वारा हाई कोर्ट में किए केस के आदेशानुसार प्रशासन कब्जा छुटवाने आया था। लेकिन गली पर लगते कब्जाधारी घरों के मालिकों ने पंचायती जगह खाली करने के लिए दो दिनों का समय मांगा है। जो उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट द्वारा दिया गया है। जिसके हुए प्रशासन अपनी बनती कार्रवाई करेगा। - जसवंत घोड़ेला, सरपंच गिंदड़ा।
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हाई कोर्ट के आदेश पर गांव गिंदड़ा में पंचायती गली पर कब्जा की शिकायत उनके पास आई थी। जिसकी आज पंचायती जगह की पैमाइश हुई। पैमाइश के दौरान किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना या झगड़ा न हो इसलिए पुलिस प्रशासन मौके पर मौजूद रहा। पैमाइश के दौरान माहौल पूर्णत्या शान्ति पूर्ण रहा। - दिनेश कुमार, थाना प्रभारी रानियां।
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गांव गिंदड़ा में पंचायती जमीन पर करीब 12 घरों का कब्जा है। जिसको छुड़वाने के लिए हाई कोर्ट के आदेश जारी हुए थे। शुक्रवार को जगह की पैमाइश करवा दी गई है। पंचायत व ग्रामीणों की प्रार्थना करने पर दो दिनों का समय पंचायती जगह खाली करने के लिए दिया गया है। अगर कब्जाधारी दो दिनों में पंचायती जगह पर बने मकान या रखे सामान को नहीं हटाते तो प्रशासन अपनी कार्रवाई करेगा। - अंकुर एसडीओ, पंचायती राज विभाग रानियां।