सिरसा। जिले में शुक्रवार को धुंध के कारण दृश्यता शून्य रही। सुबह सात बजे तक धुंध के कारण वाहन चालकाें को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, डबवाली बठिंडा रोड पर कोयले से भरा ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल चालक को बठिंडा उपचार के लिए ले जाया गया।
धुंध के कारण वाहन चालकों ने 15 मिनट का सफर 45 मिनट में तय किया। कुछ ऐसे ही हालात चंडीगढ़, दिल्ली, राजस्थान जाने वाली बसाें का रहा। जो अपने निर्धारित समय से एक घंटे से डेढ़ घंटे तक देरी से गंतव्य पर पहुंचीं। वहीं, रेल सेवाएं भी धुंध के कारण प्रभावित हुईं। सुबह 10 बजे सिरसा आने वाली और सिरसा से जाने वाली सभी ट्रेन 30 मिनट से लेकर एक घंटे की देरी से चली। इस कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ठंड में यात्री विश्राम गृह के अंदर बैठे नजर आए।
12 बजे बाद निकली धूप तो मिली राहत मिली
जिले में दोपहर 12 बजे के बाद धूप निकली, जो शाम चार बजे तक बनी रही। इस दौरान पार्कों में भी लोग धूप का आनंद उठाते हुए नजर आए। कुछ कार्यालयों में भी कर्मचारी धूप में कार्य करते दिखे। धूप निकलने के बाद बाजारों में भी लोगों ने खरीदारी की।
इस प्रकार रही दृश्यता
समय - दृश्यता
सुबह 5 बजे शून्य
सुबह 6 बजे - शून्य
सुबह 7 बजे - शून्य
सुबह 8 बजे - 2 से 3 मीटर।
सुबह 9 बजे - 5 मीटर।
सुबह 10 बजे - 7 से 10 मीटर ।
सुबह 11 बजे - 10 से 20 मीटर ।
दोपहर 12 से 5 बजे तक - धूप निकली
शाम 6 बजे - धुंध दोबारा शुरू हुई।
ट्रेनों की स्थिति
सिरसा से चलने वाली
ट्रेन, चलने का समय, चली, देरी
किसान एक्सप्रेस - सुबह 6:15, 6:52, 37 मिनट
दिल्ली एक्सप्रेस - सुबह 6:35, 7:30, 55 मिनट
सिरसा लुधियाना, सुबह 11:40, 12:09, 29 मिनट
गोखरधाम एक्सप्रेस - सुबह 11:40 चली नहीं।
सिरसा आने वाली
ट्रेन, पहुंचने का समय, पहुंची, देरी
जींद हिसार पैसेंजर , सुबह 6:50, 7:23, 33 मिनट
रेवाड़ी फाजिल्का , सुबह 9:45,10:26, 41 मिनट
धूरी सिरसा , 10:35, 11:13, 38 मिनट
गोरखधाम एक्सप्रेस , 10:40, शाम 4:10, 5 घंटे 30 मिनट ।
बठिंडा रेवाड़ी पैसेंजर , दोपहर 2:25 , 3:33, 1 घंटा 8 मिनट ।
गांवों से आने वाले कर्मचारी पहुंचे आधा घंटा देरी से
जिले के अलग-अलग गांवों और साथ लगते दूसरे जिलों से आने वाले कर्मचारी कार्यालयों में सुबह 9 बजे की जगह साढ़े नौ बजे तक पहुंचे। अपने वाहनों से आने वाले कर्मचारियों को धुंध का सामना करना पड़ा। जिसके कारण वह लेट हुए। वहीं, बसों व ट्रेन में आने वाले भी कर्मचारियों को भी धुंध के कारण देरी का सामना करना पड़ा।
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बाजार पर भी दिखा असर
धुंध का असर बाजारों पर भी दिखा। आमतौर पर शहर के बाजार सुबह 9 बजे से साढ़े 9 बजे तक खुल जाते हैं। धुंध के कारण अधिकतर दुकानें 10 बजे या उसके बाद ही खुलीं। व्यापारियों के अनुसार धुंध के कारण गांवों से आने वाला ग्राहक भी देरी से आते हैं। ज्यादातर कारोबार दोपहर के समय ही होता है।
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नागरिक अस्पताल में कम आए मरीज
धुुंध के कारण नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों की कमी आई है। साधारण बीमारियों के मरीज धुंध में घरों से बाहर निकलने से गुरेज कर रहे हैं। बुखार, जुकाम, खांसी के ज्यादा मरीज अस्पताल में देखने को मिले। मरीजों की संख्या में धुंध के कारण 30 प्रतिशत कम रही।