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निजी अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म, डॉक्टर बोले- 15 सिलिंडर मांगे थे, शाम तक आठ ही मिले, तो क्या करते

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सिरसा। जिले में कोरोना का संक्रमण बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन की किल्लत भी सामने आने लगी है। वीरवार शाम को शहर के बिश्नोई नर्सिंग होम में ऑक्सीजन खत्म होने पर कोरोना से संक्रमित 20 गंभीर मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की बात कही गई। ऐसे में अस्पताल में अफरातफरी मच गई। कई मरीजों को लेकर परिजन दूसरे शहरों में निकल गए। निराश परिजनों की आंखों में आंसू दिखाई दिए।
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इसके बाद कोई अपने मरीजों को लेकर दूसरे शहरों में निकल पड़ा तो किसी ने मरीज को सिविल अस्पताल में शिफ्ट कराया। वहीं बिश्नोई नर्सिंग होम प्रबंधन का कहना है कि मांग के अनुसार ऑक्सीजन की सप्लाई उनके पास नहीं पहुंच रही। शहर के प्राइवेट अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी का यह दूसरा वाकया है। इससे पहले सुरक्षा अस्पताल में मंगलवार रात को ऑक्सीजन खत्म होने पर 6 मरीजों को सिविल अस्पताल में रेफर किया गया था।
बिश्नोई नर्सिंग होम के डॉक्टर रितेश शर्मा ने बताया कि संक्रमितों की संख्या बढ़ने से ऑक्सीजन की खपत अधिक हो रही है। वीरवार को अस्पताल में कोविड के 20 मरीजों को ऑक्सीजन दी जा रही थी। 8 मरीजों की हालत गंभीर थी जिसके कारण 18 से 20 लीटर प्रति मिनट के हिसाब से ऑक्सीजन की खपत हो रही है। प्रशासन से 15 ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग की गई थी, लेकिन 8 सिलिंडर ही शाम तक मिले, तो क्या करते। ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की सलाह दी है।
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एंबुलेंस चालक मांग रहे तीन गुना किराया
बिश्नोई अस्पताल में शाम 4 बजे ऑक्सीजन की कमी होने के कारण अस्पताल प्रबंधक द्वारा मरीजों को दूसरे अस्पतालों में भर्ती करवाने के लिए कहा गया। परिजनों ने ऑक्सीजन एंबुलेंस चालकों से रेफर करने की बात की तो उन्होंने प्रति किलोमीटर के हिसाब से तीन गुना किराया मांगा। एंबुलेंस चालक ने कहा कि बठिंडा जाने के लिए 3 हजार का तेल लगेगा और ऑक्सीजन सिलिंडर ब्लैक में 3 हजार का मिलता है। अब ऐसे में मुझे क्या बचेगा?
एंबुलेंस नहीं मिली तो मजबूरी में निजी वाहन से ले गए मरीज को बठिंडा
बिश्नोई नर्सिंग होम के बाहर मौजूद परिजन इंद्र जैन ने बताया कि उनका दामाद को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। वीरवार करीब 12 बजे उसे सिरसा के बिश्नोई अस्पताल में भर्ती करवाया था। डॉक्टरों ने शाम 4 बजे कहा कि ऑक्सीजन की कमी है। मरीजों को समय रहते दूसरे अस्पताल में रेफर कर लें। वे अपने दामाद को बठिंडा ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक के पास गए तो उसने 9500 रुपये की मांग की। इसके बाद वे अपनी निजी गाड़ी से ही अपने दामाद को बिना ऑक्सीजन के बठिंडा लेकर गए।
सिविल अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी
बिश्नोई अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने के बाद मोरीवाला के युवक अमृतपाल अपने पिता को लेकर सिविल अस्पताल में पहुंचे। मौके पर ड्यूटी चिकित्सक रॉकी बांसल ने मरीज के परिजनों को अवगत करवाया कि हमारे पास ऑक्सीजन की कमी है। वे भर्ती करने से इनकार नहीं कर रहे, परंतु स्थिति से अवगत करवा रहे हैं। चिकित्सक ने बताया कि कोविड के मरीज बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। इसके कारण मरीजों को ऑक्सीजन पूर्ति में कमी हो रही है। अमृतपाल के पिता को कोविड वार्ड में भर्ती करवाया।
ऑक्सीजन की नहीं बल्कि खाली सिलिंडर को कमी है। वे हिसार ऑक्सीजन की सप्लाई के लिए आए हुए हैं। अस्पतालों को मरीजों की संख्या के अनुसार ऑक्सीजन आपूर्ति की जा रही है। अस्पतालों को दिन में सुबह 11 बजे और शाम को सप्लाई दी जाती है। - डॉ. रजनीश, जिला ड्रग कंट्रोलर व नोडल अधिकारी ऑक्सीजन
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