फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डिपो होल्डर के खिलाफ ग्रामीणों का बवाल

विज्ञापन
विज्ञापन
गांव जलालआना में डिपो होल्डरों की ओर से राशन में गड़बड़ी की जांच नहीं होने से गुस्साए ग्रामीणाें ने कालांवाली रोड पर लेटकर यातायात जाम कर दिया। बाद में पुलिस ने आश्वासन दिया कि बुधवार को मामले की जांच की जाएगी तब कहीं जाकर एक घंटे बाद लगा जाम खोला गया। इस मामले को लेकर रविवार को सैकड़ों महिलाएं व पुरुष  ओढां थाना पहुंचे और जिला प्रशासन व खाद्य आपूर्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उपनिरीक्षक उदयवीर सिंह ने प्रदर्शनकारियों को समझाया कि उक्त मामला उनके विभाग से जुड़ा हुआ नहीं है।
विज्ञापन


उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग के एफएसओ नरेंद्र सरदाना से फोन पर बातचीत करवाई तो सरदाना ने लोगों को जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी का तबादला होने की बात कहकर मामले को बुधवार तक टाल दिया लेकिन नाराज ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए और ओढां में स्थित खाद्य आपूर्ति कार्यालय पर प्रदर्शन करने के लिए निकल गए।

गौरतलब है कि इस मामले में 14 अगस्त को लोगों ने गांव में जमकर रोष प्रदर्शन किया था, जहां पहुंचे एफएसओ नरेंद्र सरदाना ने लोगों की मांग पर गांव के दोनों डिपो को ताला लगाकर स्टॉक जब्त कर लिखित में 17 अगस्त को जांच करने के लिए कहा था लेकिन जांच के लिए किसी के न पहुंचने पर गांववासियों में रोष फैल गया और वे वाहनों में सवार होकर ओढां थाने में आ धमके, जहां पुलिस ने उन्हें एक बारगी जैसे तैसे समझा बुझाकर भेज दिया।
विज्ञापन


थाने से निकले ग्रामीणों ने रविवार दोपहर ढाई बजे कालांवाली रोड पर जाम लगा दिया और महिलाएं सड़क पर लेट गई। सूचना पाकर थाना प्रभारी वीरेंद्र गिल मौके पर पहुंचे तथा उन्हें समझाना चाहा लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी बात नहीं सुनते हुए जिला उपायुक्त और खाद्य आपूर्ति विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान रोड बंद होने के चलते पुलिस ने वाहनों को साथ लगते गांवों से होकर निकाला।

प्रदर्शन कर रहे हरदीप सिंह, रूपा सिंह, दीप सिंह, भोला सिंह, हरमन सिंह, दलबीर सिंह, बेअंत कौर, मलकीत कौर, कर्मजीत कौर, हरजीत कौर, लीलो देवी सहित अन्य ने बताया कि उनके गांव में स्वरूप सिंह और मुकेश जैन डिपो चलाते हैं, जो लंबे समय से अनुसूचित जाति मोहल्ले के लोगों का राशन डकार रहे हैं। जिनके रिकार्ड की जांच की मांग उठा रहे हैं, लेकिन एफएसओ इन्हें बचाने की फिराक में है।

प्रदर्शनकारियों ने करीब एक घंटे तक रोड जाम कर जमकर बवाल काटा। थाना प्रभारी वीरेंद्र गिल ने ग्रामीणों को समझाते हुए बुधवार तक शांत किया और जाम खुलवा दिया। डिपो होल्डर सरूप सिंह ने बताया कि उनका रिकार्ड बिल्कुल सही है और लगाए गए आरोप निराधार है, जांच के बाद सच सामने आ जाएगा।

एफएसओ सरदाना ने बताया कि उन्होंने गांव में दोनों डिपो को ताला लगाते हुए 17 अगस्त को जांच के लिए कहा था लेकिन जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी का तबादला होने के चलते नए अधिकारी ने अभी चार्ज नहीं लिया है। मंगलवार को वे चार्ज संभाल लेंगे अैर बुधवार को टीम गठित कर दोनों डिपोधारकों की जांच की जाएगी। अगर उसमें डिपो संचालकों ने गड़बड़ी की है तो वे कार्रवाई से बच नहीं पाएंगे।  
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें