मारपीट के एक मामले में उद्घोषित आरोपी को गिरफ्तार करके सब्जी मंडी चौकी लेकर आई पुलिस टीम पर आरोपी के परिजनों ने चौकी में घुसकर हमला कर दिया।
बुधवार देर शाम हमलावरों ने थानेदार से मारपीट की और एक हवलदार की वर्दी फाड़ डाली। आरोपी को परिजनों ने पुलिस की गिरफ्त से छुड़ाने का प्रयास भी किया। इसमें नाकाम रहने पर आरोपी के परिजनों ने पुलिस चौकी के पास यातायात जाम कर दिया।
प्रदर्शनकारियों ने बाद में रानियां रोड पर यातायात जाम कर दिया जो करीब आधे घंटे तक रहा। पुलिस ने जब जाम हटाने का प्रयास किया तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव कर दिया। बाद में पुलिस ने लाठियां भांजकर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस पथराव करने वालों की धरपकड़ के लिए जगह जगह छापे मार रही थी।
बाजीगर मोहल्ला निवासी सोनू बाजीगर पुत्र भीराराम के खिलाफ शहर थाने में मारपीट करने व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज है। काफी समय से सोनू फरार चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार शाम को सब्जी मंडी चौकी पुलिस आरोपी को उसके रानियां चुंगी स्थित घर से गिरफ्तार करके चौकी ले आई।
सोनू के परिजनों को इसका पता चला तो वे मोहल्ले वालों के साथ पुलिस चौकी पहुंचे और चौकी में मौजूद एएसआई जगदीश कुमार व हवलदार कांशीराम के साथ मारपीट शुरू कर दी। परिजनों ने सोनू को पुलिस गिरफ्त से छुड़वाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने आरोपी को अपनी गिरफ्त से जाने नहीं दिया। हमलावरों ने हवलदार कांशीराम की वर्दी तक फाड़ दी। इसके बाद आरोपी सोनू की बहन ने भी पुलिसकर्मियाें पर बदसलूकी का आरोप लगाया।
इस पर बाजीगर समुदाय के लोगों ने पुलिस चौकी के समक्ष जाम लगाकर नारेबाजी शुरू कर दी। तब तक डीएसपी धर्मवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे चुके थे। थाना शहर प्रभारी सुरेश पाल सिंह के समझाने पर प्रदर्शनकारी वहां से चले गए लेकिन बाद में उन्होंने रानियां रोड पर बांदरों वाली पुलिया के समीप तिराहे पर पर अवरोधक लगाकर कर यातायात जाम दिया।
सूचना मिलने पर डीएसपी धर्मवीर सिंह, एसएचओ सिटी सुरेश पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अंधेरे में प्रदर्शनकारियों ने केलनियां रोड की ओर से पथराव शुरू कर दिया जो कई पुलिसकर्मियों को लगे। साथ ही एक पत्थर पत्रकार को भी लगा।
बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां भांजनी शुरू की तो भगदड़ मच गई। प्रदर्शनकारी अंधेरे में केलनियां रोड की ओर भागे और कुछ खेतों में जा छिपे। पुलिस ने करीब एक किमी तक प्रदर्शनकारियों का पीछा किया। आधा घंटे बाद यातायात बहाल हो गया।
उधर, डीएसपी धर्मवीर सिंह का कहना है कि चौकी में घुसकर पुलिस कर्मचारियाें से मारपीट की गई है। कानून अपने हाथ में लेने वालों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने पुलिस लाठीचार्ज की बात से साफ इंकार किया।