सिरसा में एक साल से बिजली बिलाें का बहिष्कार कर रही जनता इकट्ठे हुए बिलाें को माफ करवाने के लिए मंगलवार को सड़काें पर उतर आई।
उग्र लोगों ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व सांसद डॉ. अशोक तंवर के आवास का दो घंटे तक घेराव कर जोरदार नारेबाजी की। इसके बाद मौके पर पहुंचे सिरसा के एसडीएम परमजीत सिंह चहल ने ज्ञापन लेकर लोगों को उनकी बात पूरी करवाने का आश्वासन दिया।
जिसके बाद ही भड़के लोग शांत हुए। मंगलवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन के स्थापना दिवस के मौके पर एआईएसएफ और बिजली आंदोलन संघर्ष समिति के नेतृत्व में 100 से अधिक गांवाें के हजाराें लोगों ने टाउन पार्क में महासभा कर दो टूक कहा कि कांग्रेस सरकार चुनाव आचार संहिता तक बिजली बिलाें को माफ करे। सरकार आंदोलन चला रही संघर्ष समिति से बातचीत कर मसला सुलझाए अन्यथा मजबूर होकर आंदोलनरत गांवाें में कांग्रेस नेताआें को वोट मांगने के लिए गांवों में नहीं घुसने दिया जाएगा और कांग्रेस का बहिष्कार किया जाएगा।
संघर्ष कमेटी के पदाधिकारियाें सी भोला, रोशन सुचान और मनोज पचेरवाल ने विपक्षी पार्टियाें द्वारा आंदोलन में समर्थन न करने और बिजली के मुद्दे को राजनीतिक एजेंडे में शामिल न करने की कड़े शब्दाें में निंदा की। उन्होंने कहा कि जनता की सुनने वाला कोई नहीं है। इसलिए संघर्ष समिति विधानसभा में अपना प्रतिनिधि भेजने के लिए चुनावी दंगल में कूदेगी ताकि जनता की बात को विधानसभा तक पहुंचाया जा सके।
नहीं काटने देंगे कनेक्शन
छात्र नेताआें ने कहा कि अगर सरकार जनता के लिए सस्ता राशन, बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार का प्रबंध नहीं कर सकती तो वह किसी काम की नहीं है।
यह हमारा हक ही नहीं, बल्कि मान-सम्मान और पगड़ी की लाज को बचाने की लड़ाई है, जिसे हर हाल में लड़ा जाएगा, चाहे कोई भी कुर्बानी क्याें न देनी पड़े। गांवाें में बिजली के बिलाें का बहिष्कार जारी रहेगा और बिजली निगम के कर्मचारियाें को कनेक्शन भी नहीं काटने दिए जाएंगे।
डीसी से करवाएंगे हल : एसडीएम
दो घंटे तक प्रदेशाध्यक्ष तंवर के आवास पर घेराव के बाद मौके पर एसडीएम परमजीत चहल पहुंचे। इस दौरान समिति द्वारा उन्हें बिजली बिलाें की माफी, बिजली दराें में कमी, संघर्ष कमेटी के नेताआें पर बने मुकदमे वापस लेने की मांग का ज्ञापन सौंपा।
इस पर एसडीएम ने सरकार से बातचीत कर बिलाें का मुद्दा हल करवाने की मांग की। उन्हाेंने कहा कि जिला उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया जाएगा, जिसमें बिजली निगम के उच्च अधिकारियाें, समिति और एआईएसएफ की 11 सदस्य शामिल हाेंगे तथा इसका हल जल्द ही आचार संहिता से पहले करवाया जाएगा।
भारी पुलिस बल ने संभाली व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने पुख्ता प्रबंध किए हुए थे। लोगों ने अशोक तंवर के निवास के बाहर जमकर नारेबाजी की। इससे पूर्व टाउन पार्क में सभा का आयोजन किया गया, जहां से प्रदर्शन करते हुए सभी सदस्य तंवर के निवास तक पहुंचे।
संघर्ष को समर्थन देने के लिए किसान सभा और सीपीआई के नेता स्वर्ण सिंह विर्क, जगरूप चौबुर्जा और लक्ष्मण सिंह शेखावत भी पहुंचे। भारी पुलिस बल ने पुख्ता व्यवस्था कर ही प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया।
सभा को एआईएसएफ के नेता सी भोला, रोशन सुचान, मनोज पचेरवाल के अलावा समिति के प्रधान बंता सिंह रोड़ी, शिशपाल मोचीवाली, बलजिंद्र झिड़ी, काली प्रधान मोरीवाला, रणजीत कंबोज रसूलपुर, राजकुमार राड़, श्रीराम भरोखां, कामरेड प्रवीन हंस, डॉ. राजिंद्र जोधकां, कामरेड रमेश बाजेकां, अजीत नेजाडेला, जीत सिंह, गुरदीप मल्लेवाला, बब्बू सहोता, अनिल सुचान, विनोद सुचान, संजय, प्रवीन सुचान, कालाराम, धौलाराम, मनीष कंबोज ने भी संबोधित किया।