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Sirsa News: बच्चों को फील्ड चुनने के बारे में बताएंगे अधिकारी, उपायुक्त ने दिए निर्देश

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सिरसा। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने शुक्रवार को मेला ग्राउंड स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षा विभाग के ज्ञानदान अभियान के तहत वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों से संवाद किया।
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इस दौरान निकलकर आया की कि विद्यार्थियों को किसी फील्ड का चुनना हैं। ऐसे में उपायुक्त ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि आप सभी स्कूलों में बच्चों के बच्चों को बताइए की कि कौन-सा विषय चुनने पर वह किस फील्ड में जाएंगे।
संवाद के दौरान बच्चों ने उपायुक्त के दसवीं और 12 वीं परीक्षा में आए प्रतिशत जानने के साथ कई रोचक सवाल किए। उपायुक्त ने भी बच्चों के सवालों के जवाब दिए। फरमाई कलां की राजकीय स्कूल की छात्रा ने उपायुक्त पार्थ गुप्ता से सवाल किया कि सर, आपकी दसवीं और 12 वीं प्रतिशत क्या थी। इस पर उपायुक्त ने कहा कि आपने बड़ा मुश्किल सवाल पूछ लिया है। उपायुक्त ने जवाब दिया कि दसवीं में 83 प्रतिशत थे और 12वीं में भी 80 प्रतिशत अंक थे। छात्रा ने उपायुक्त से सवाल किया कि उसे आईएएस बनाना है तो उसके क्या करना होगा। उपायुक्त ने कहा कि आप नौंवी कक्षा में हैं। आप सभी विषय पढि़ये। आईएएस बनने के लिए सभी विषय पढ़ने होते हैं।
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ऐलनाबाद के राजकीय स्कूल की छात्रा ने उपायुक्त से सवाल किया कि क्या लड़कियां एनडीए में जा सकती हैं। उपायुक्त पार्थ गुप्ता ने कहा कि पहले लड़कियां एनडीए में नहीं जा सकती थीं, अब जा सकती हैं। इसकी अनुमति मिल चुकी है। पन्नीवाला मोटा राजकीय स्कूल की छात्रा ने सवाल किया कि वह फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ व बायोलॉजी पढ़ रही है। भविष्य में वह क्या कर सकती है। उपायुक्त ने कहा कि आपको पहले यह चयन करना होगा कि आपको मेडिकल लाइन में जाना है या अन्य किसी में। पहले अपने मन और दिमाग का केंद्रित करना होगा। इसके बाद ही आप अपना एक विषय चुने, उसी पर आप आगे बढ़े। कार्यक्रम के दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी बुटा राम, डाॅ. अंजनी अग्रवाल, डाॅ. परमजीत सिंह, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी सिकंदर आदि मौजूद रहे।

अच्छे अंकों का दबाव सकारात्मक रूप से लेते हुए जीवन में आगे बढ़ें : उपायुक्त
उपायुक्त ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि मेडिकल और आर्ट्स के बच्चों को जानकारी नहीं है कि वह कौन सी फील्ड का चयन करें। आप सभी स्कूलों में बच्चों के बच्चों को बताइए की। कोई सा विषय चुनने पर वह किस फील्ड में जाएंगे। उपायुक्त ने कहा कि अभिभावकों द्वारा अपने बच्चों पर अच्छे अंक लाने तथा सफल होने का दबाव होता है। लेकिन छात्र इस दबाव को सकारात्मक रूप से लेते हुए अपने जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का समय है, लेकिन कड़ी मेहनत, अनुशासन और पक्के इरादे के साथ इन चुनौतियों पर जीत प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि छात्र जीवन में मिले हुए संस्कार व्यक्ति के भावी जीवन की दशा और दिशा को निर्धारित करते हैं। इसलिए सभी छात्र पूरे मनोयोग से शिक्षा प्राप्त कर अपने भविष्य का निर्माण करें।
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