सिरसा। गर्मी, उमस और बदलते मौसम के कारण इन दिनों चर्म रोग की समस्या से जिले के लोगों को जूझना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल में चर्म रोग के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां आमतौर पर पांच से सात मरीज ही प्रतिदिन आते थे। एक माह में यह संख्या बढ़कर 50 से 60 मरीज तक पहुंच चुकी है।
वहीं, इन मरीजों को नागरिक अस्पताल में उपचार भी नहीं मिल रहा है। क्योंकि पिछले एक साल से नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। इस कारण मरीजों को नागरिक अस्पताल से मायूस लौटना पड़ रहा है।
कई मरीजों को निजी अस्पतालों में महंगे इलाज का सहारा लेना पड़ रहा है। नागरिक अस्पताल के उच्चाधिकारी कई बार मुख्यालय से पत्राचार कर चिकित्सक की मांग कर चुके हैं, लेकिन एक साल बीतने के बाद भी अभी तक चिकित्सक नहीं मिला है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार आचार संहिता के बाद पुन: पत्राचार कर चिकित्सक की मांग की जाएगी।
महंगा पड़ रहा निजी अस्पताल में उपचार
निजी अस्पताल में ओपीडी से लेकर चर्म रोग की दवा लेने तक प्रति मरीज को 1000 से 1500 रुपये तक का भुगतान करना पड़ रहा है। मध्यम और गरीब वर्ग के लोगों की जेब पर यह भारी पड़ता है। नागरिक अस्पताल में इसी उपचार के लिए पांच रुपये की ही पर्ची कटवानी होती है और चिकित्सक के परामर्श के साथ निशुल्क दवा मिल जाती है। कभी कभार 100 से 200 रुपये की दवा मरीज को बाहर से लेनी पड़ती है।
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मरीजों ने बताई परेशानी
गांव झोरड़नाली से नागरिक अस्पताल पहुंचे गगनदीप ने बताया कि वह चर्म रोग की दवा लेने के लिए आया है। अस्पताल में आकर पता चला कि यहां पर चर्म रोग विशेषज्ञ नहीं है। मेहनत मजदूरी करता हूं, अब मजबूरी में निजी अस्पताल में महंगा इलाज करवाना होगा। इलाज नहीं करवाया तो बीमारी ज्यादा बढ़ जाएगी।
कालांवाली के गांव पंजुआना की हरदीप कौर ने बताया कि खेत में काम करने के दौरान हाथों और पैरों में खारिश और दाने की समस्या हो गई। वह दवाई लेने के लिए नागरिक अस्पताल आई थी। पर्ची कटवाने के दौरान पता चला कि अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ ही नहीं है। अब निजी अस्पताल में जा रहे है। इलाज महंगा होग, लेकिन करवाना मजबूरी है।
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नागरिक अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की कमी को लेकर मुख्यालय से कई बार पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि आचार संहिता हटने के बाद चिकित्सक मिल जाएगा।
- डॉ. महेंद्र भादू, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल, सिरसा।