सिरसा। जिले की महिलाओं को बकरी पालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन व नाबार्ड ने गांव गिगोरानी व पन्नीवाला मोटा में एक -एक महिला डेमो यूनिट की शुरुआत की है। इस यूनिट में महिलाओं को बकरी के पालन, रख रखाव, ब्रिड आदि की जानकारी मिलेगी। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आजीविका के लिउ बकरी पालन गतिविधि के तहत डेमोनस्ट्रेशन यूनिट का उद्घाटन शुक्रवार को किया गया। जिसमें बतौर मुख्य अतिथि नाबार्ड हिसार क्लस्टर से प्रबंधक स्वरदीप सिंह पहुंचे। जिन्होंने गिगोरानी में स्थापित यूनिट का उद्धाटन किया।
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन व नाबार्ड की ओर से हरियाणा की पहली महिला दो डेमो यूनिट सिरसा में स्थापित की गई हैं। जिसमें महिलाओं को बकरी पालन संबंधी जानकारी दी जाएगी। स्वयं सहायता समूहों में आत्म निर्भरता की अलख जगाने हेतु इस यूनिट को स्थापित किया गया है।
महिलाएं निशुल्क ले सकेंगी प्रशिक्षण
स्वयं सहायता समूह की महिलाएं जो बकरी पालन करना चाहती हैं वो इन यूनिटों में निशुल्क प्रशिक्षण ले सकती हैं। प्रत्येक यूनिट में 1 महिला को बतौर ट्रेनर रखा गया है। जो महिलाओं को प्रशिक्षण देगी। उन्हें बताएगी कि किस प्रकार से उन्हें बकरी पालन करते समय सावधानी बरतनी है। किस प्रकार से बकरी के बच्चों को पालना है। ट्रेनर महिला को ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से ट्रेनिंग दिलवाई गई है। वहीं नाथूसरी चोपटा में स्वयं सहायता समूहों की 150 महिलाओं को बकरी पालन सिखाया जा रहा है। इस दौरान महिलाओं को बकरियों को खरीदने से लेकर, आवास प्रंबधन, आहार व्यवस्था, बीमारियों और उनको बेचने की पूरी जानकारी दी जा रही है।
इसलिए स्थापित की यूनिट
जिले के हर गांव में महिलाओं के स्वयं सहायता समूह है, जो हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन के साथ जुड़ी हुई हैं। इस दौरान समूह की महिलाएं एकल रूप से अपने घरों में बकरी पालन कर रही हैं। इस दौरान जानकारी के अभाव में महिलाएं बकरी पालन से ज्यादा मुनाफा नहीं कमा पा रही थी। जिसके चलते ये फैसला लिया गया। वहीं इस दौरान आर्थिक रूप से कमजोर परिवार गांवों में बकरी पालन पर ज्यादा अग्रसर होते है। जानकारी न होने पर मुनाफ नहीं कमा पाते। इसी समस्या को हल करने के लिए विभाग की ओर से यूनिट खोलने का निर्णय लिया गया। जिससे महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनेंगी।
दोनों गांवों से 30 से 35 महिलाएं आईं आगे
गांव गिगोरानी व पन्नी वाला मोटा में महिलाओं ने बकरी पालन करने के लिए अपनी सहमति जताई है। महिलाओं को ट्रेनिंग भी दी जा रही है। इन महिलाओं को बकरी पालन करने के लिए विभाग की ओर से ऋण दिया जाएगा। इस दौरान किसी प्रकार की पालन में दिक्कत आती है तो महिलाओं को सेंटर पर हर प्रकार की जानकारी दी जाएगी।
हरियाणा ग्रामीण आजीविका मिशन व नाबार्ड की ओर से महिलाओं के लिए गांव गीगोरानी व पन्नीवाला मोटा में दो डेमो यूनिट स्थापित की गई हैं। जिसमें महिलाओं को डेमो देने के लिए शेड, बकरियां, बकरियों के बच्चे रखे गए हैं। इन सेंटरों पर एक- एक ट्रेनर महिलाएं भी हैं , जो अन्य महिलाओं को ट्रैनिंग देंगी।
- दयानंद जांगड़ा, जिला कार्यक्रम अधिकारी, ग्रामीण आजीविका मिशन सिरसा।