सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश स्थित गुरुद्वारों के प्रबंधन संबंधी लगाई गई याचिका पर सुनवाई करते हुए प्रबंधन हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को सौंपने का फैसला सुनाया है। इससे सिख संगत में खुशी की लहर है। ऐसे में सिरसा में जिलेभर में सिख समुदाय के सदस्यों ने फैसले का स्वागत करते हुए लड्डू व फूलों की वर्षा के स्वागत किया है। जिले के कई सदस्यों ने इसकी मांग को लेकर आठ वर्ष तक लंबे समय तक लड़ाई भी लड़ी है। इससे पहले हरियाणा के सभी गुरुद्वारों की देखरेख शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से की जा रही है।
हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख सेवादार बलजीत सिंह दादूवाल ने देश व प्रदेश की संगत को बधाई दी है। कालांवाली निवासी बलजीत सिंह दादूवाल सहित कमेटी के अन्य सदस्यों की ओर से लंबे समय से इसकी मांग को लेकर संघर्ष किया गया था।
कमेटी के सदस्यों ने गुरुद्वारा में माथा टेका और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री मनोहर लाल व सुप्रीम कोर्ट का आभार भी व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से हरियाणा के सभी गुरुद्वारा, कॉलेज, स्कूल, अस्पताल सहित अन्य संस्थानों की देखरेख की जाएगी।
गुरुद्वारा 10वीं पातशाही में बांटे लड्डू
गुरुद्वारा दसवीं पातशाही सिरसा में प्रकाश सिंह साहुवाला और लखविंदर सिंह औलख ने लड्डू बांटकर खुशी का इजहार किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने हरियाणा के गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर याचिका लगाई थी, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने 2014 के कानून को असंवैधानिक करार दिया था।
हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की याचिका खारिज करते हुए फैसला हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पक्ष में दिया। इस मौके पर अंग्रेज सिंह कोटली, इकबाल सिंह साहुवाला, गुरविंदर सिंह बेदी, गुरविंदर सिंह काला, पिंदा काहलों, तलविंदर सिंह सोखी उपस्थित थे।
हरियाणा में अलग से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने को लेकर वर्ष 2003 से ही संघर्ष किया जा रहा है। अब कोर्ट की ओर से हरियाणा में अलग से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी बनाने का फैसला किया गया है। जिसका स्वागत करते है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से पहले गुरुद्वारा व ट्रस्ट स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की देखरेख की जाती थी। फैसले के बाद इन सब की देखरेख हरियाणा गुरुद्वारा कमेटी की ओर से किया जाएगा। बैठकों के बाद अब आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
- गुरचरण सिंह संधू
कोर्ट की ओर से दिया गया फैसला ऐतिहासिक है। लंबे समय से किए जा रहे संघर्ष का आज फल मिल गया है। इसके लिए देश व प्रदेश सरकार सहित संघर्ष करने वाले सदस्यों का आभार व्यक्त करते है। अब प्रदेश के गुरुद्वारा व ट्रस्ट की ओर से चलाए जा रहे स्कूल, कॉलेज अस्पतालों की देखरेख हरियाणा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से किया जाएगा।
- बलजीत सिंह दादूवाल