संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मुआवजे की मांग को लेकर सोमवार को किसान ने साढ़े छह घंटे तक लघु सचिवालय का घेराव किए रखा और मुख्य गेट के आगे धरना देकर बैठे रहे। इसके कारण सचिवालय का मुख्य गेट दिनभर बंद रहा। ऐसे में शिकायत लेकर आने वाले लोगों को सचिवालय के पिछले गेट से ही आना जाना पड़ा और बार बार एक जगह से दूसरी जगह पर चक्कर काटने पड़े। किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो वह 23 फरवरी से आमरण अनशन पर बैठेंगे।
लघु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगाकर धरने पर बैठे किसानों ने सोमवार को लघु सचिवालय की तालाबंदी करने का निर्णय लिया। इसके चलते किसान सुबह 11 बजे ही लघु सचिवालय के गेट के समक्ष धरने पर बैठ गए। किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान पुलिस ने पहले ही लघु सचिवालय के मुख्य गेट को बंद कर दिया। इस दौरान एसडीएम राजेश कुमार किसानों से मिलने के लिए पहुंचे। किसानों ने उपायुक्त के साथ ही बातचीत करने की बात कही तो एसडीएम ने उपायुक्त के बाहर होने की जानकारी दी और लौट गए। इसके बाद किसानों ने शाम साढ़े पांच बजे धरना समाप्त कर दिया। हालांकि इस दौरान अधिकारियों की गाड़ियां भी पिछले गेट से आती जाती रही।
किसानों को समर्थन देने के लिए पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा
शाम करीब पांच बजे सांसद दीपेंद्र हुड्डा व व्यापार मंडी के बजरंग दास गर्ग किसानों का समर्थन करने के लिए धरना स्थल पर पहुंचे। किसानों ने सांसद को मांग पत्र सौंपा। दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि उनकी मांगों को वह सदन में उठाएंगे और पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी पर अंतर है। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश में आज हर वर्ग धरने पर बैठने को मजबूर हो रहा है।
पहले दिन 70 वर्षीय ओमप्रकाश करेंगे आमरण अनशन
किसान नेता लखविंद्र सिंह औलख ने बताया कि 16 जनवरी से किसान लघु सचिवालय के समक्ष पक्का मोर्चा लगाकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी कोई भी मांग अभी तक पूरी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि 22 फरवरी तक उनकी मांगों सुनवाई होती है तो ठीक है, नहीं तो 23 फरवरी से किसान आमरण अनशन पर बैठेंगे। पहले दिन डिंग क्षेत्र के स्वतंत्रता सेनानी परिवार के सदस्य 70 वर्षीय ओमप्रकाश आमरण अनशन शुरू करेंगे। इसके बाद किसानों की संख्या को बढ़ाया जाएगा।