संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। वेतन बढ़ाने, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों को लेकर जिलेभर की आशा वर्कर्स काम छोड़ हड़ताल पर चली गईं। वर्कर्स का कहना है कि उन्होंने तीन दिन का सरकार का अल्टीमेटम दिया है। अगर तीन दिन में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगी।
मंगलवार को आशा वर्कर्स ने मांगों को लेकर लघु सचिवालय के समक्ष धरना दे दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन की अध्यक्षता आशा वर्कर्स एसोसिएशन की जिला प्रधान दर्शना ने की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की ओर से होने वाले सर्वे सहित अन्य कार्य भी उनसे करवाए जाते हैं, लेकिन काम के अनुसार उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। इसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने सरकार के समक्ष 26 हजार रुपये वेतन, सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, ईएसआई की सुविधा देने, पीएफ कटने सहित अन्य कई मांगे रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि अगर तीन दिन के अंदर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह अनिश्चितकालीन पड़ाव डालने को मजबूर होंगे। आशा वर्कर्स ने मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त पार्थ गुप्ता को मांग पत्र सौंपा है। इस मौके पर पूर्व प्रधान दर्शना कलावती, सचिव पिंकी, शिमला, मिनाक्षी, ऊषा, रेखा, बींदू शर्मा उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग के अभियान होंगे प्रभावित
आशा वर्कर्स के हड़ताल पर जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जाने वाले अभियानों पर काफी प्रभाव भी देखने को मिलेगा। सोमवार को ही स्वास्थ्य विभाग ने इंद्र धनुष अभियान के 0 से पांच वर्ष तक के बच्चों को टीका लगाने की प्रक्रिया शुरू की है। आशा वर्कर्स की हड़ताल का अभियान पर असर देखने को मिलेगा। इसके अलावा सर्वे प्रक्रिया के साथ ही लोगों का डाटा जुटाने का काम भी प्रभावित होगा। गर्भवती महिलाओं को परेशानी भी उठानी पड़ सकती हैं।