चोपटा। खरीफ फसल 2022 का बीमा क्लेम और मुआवजे की मांग को लेकर गांव नारायण खेड़ा में किसानों का धरना जारी है। एक सप्ताह से चार किसान जलघर की 110 फुट ऊंची टंकी पर चढ़े हुए हैं। बाल्टी में रस्सी बांधकर इनको खाने-पीने का सामना पहुंचाया जा रहा है।
इन किसानों का कहना है िक जब तक सरकार उनकी मांगें पूरी नहीं करती तब तक वे टंकी से नीचे नहीं उतरेंगे। वहीं किसानों के समर्थन में धरना स्थल पर लोगों की संख्या बढ़ती जा रही है। नंबरदार यूनियन, सर्व कर्मचारी संघ और सरपंच यूनियन ने किसानों को समर्थन दिया।
किसान नेता अमन बैनीवाल, संदीप नाथूसरी कलां ने बताया कि टंकी पर चढ़े चारों किसानों के लिए मंगलवार को धरने पर भारतीय किसान यूनियन के युवा प्रदेशाध्यक्ष रवि आजाद ने शिरकत की। उन्होंने कहा कि तानाशाही सरकार से सभी वर्ग के लोग तंग हैं। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, बिजली मंत्री रणजीत सिंह के गृह जिले में भी किसानों की ऐसी दुर्दशा हो रही है, तो प्रदेश के किसानों के साथ कितना बड़ा अन्याय हो रहा है, इसका अंदाजा सहज ही लगा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को अपने हकों के लिए लगातार संघर्ष करना पड़ रहा है। सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। सरपंच यूनियन के जिलाध्यक्ष जसकरण सिंह ने कहा कि तानाशाही सरकार की जनविरोधी की नीति के कारण जनता को झेलना पड़ रहा है। किसानों के आंखों पर लगातार कुठाराघात किया जा रहा है। अपनी फसल का बीमा प्रीमियम समय पर भरने के बावजूद भी खराबे का क्लेम नहीं मिल रहा है।
13 लोगों का आमरण अनशन जारी
सरपंच एसोसिएशन की उपाध्यक्ष संतोष बैनीवाल, रीटा कासनियां, सरपंच उदय पाल रूपावास, विनोद बांगड़वा, सुभाष कासनिया, नंदलाल ढिल्लो, मांगेराम कागदाना, अशोक बैनीवाल चाहरवाला, मुकेश इंदलिया, देवी लाल, ओमप्रकाश झुरिया, महावीर गोदारा, विजेंद्र, सतवीर आदि किसानों ने छठे दिन भी आमरण अनशन जारी रखा। संतोष बैनीवाल ने कहा कि किसानों के हकों के लिए हमेशा से लड़ती रहेंगी। तानाशाही सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।
पीलीमंदोरी से दंडवत चलकर पहुंचे संदीप हुए बेहोश
फतेहाबाद जिले के गांव पीलीमंदोरी से समर्थन में आए किसान जत्थे में युवा संदीप गोरछिया दंडवत चलकर धरना स्थल पर पहुंचे। मगर गर्मी और उमस के कारण वह अचानक बेहोश हो गए। उनको एंबुलेंस की सहायता से अस्पताल में पहुंचाया गया। कलाकार देशभक्ति से ओतप्रोत रागनियों से लोगों में जोश भर रहे हैं।
गांव नारायण खेड़ा में धरने को संबोधित करते किसान नेता रवि आजाद। संवाद