सिरसा। पूरे प्रदेश में हरियाणा बोर्ड की दसवीं व बारहवीं की परीक्षा चल रही हैं। शनिवार को दसवीं कक्षा के मुख्य विषय हिंदी की परीक्षा आयोजित की गई। इस दौरान शहर के एक निजी स्कूल के विद्यार्थी को आर्य बॉयज स्कूल में बने केंद्र पर परीक्षा में ही नही बैठने दिया गया। जिसके चलते विद्यार्थी को बिना परीक्षा दिए ही घर लौटना पड़ा।
बता दें कि जिले में 88 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। जिसमें शनिवार को करीब 10 हजार विद्यार्थियों ने हिंदी की परीक्षा दी। जिला मुख्यालय में शिक्षा विभाग की ओर से 20 परीक्षा केंद्र बनाएं गए हैं। जिसमें परीक्षार्थी परीक्षा दे रहे हैं। शनिवार को शांतिपूर्वक परीक्षा का आयोजन किया गया। इस दौरान किसी भी विद्यार्थी पर यूएमसी नहीं बनी।
वहीं दूसरी ओर एक निजी स्कूल के विद्यार्थी कर्ण को आर्य बाॅयज स्कूल में बने केंद्र में परीक्षा में नही बैठने दिया गया। केंद्र में जाने देने के दौरान जांच में विद्यार्थी का एडमिट कार्ड से आधार नंबर स्कैन नहीं हुआ। जब एडमिट कार्ड पर लिखा नंबर मिलाया तो वह भी मैच नहीं हुआ। जिसके कारण विद्यार्थी को स्कूल परीक्षा अधीक्षक ने एग्जाम देने से रोक दिया। ऐसे में विद्यार्थी को बिना पेपर दिए घर लौटना पड़ा।
निर्देशों के बाद नहीं बैठने दिया
दरअसल एक विद्यार्थी जब परीक्षा देने के लिए परीक्षा केंद्र पर पहुंचा तो वहां पर मौजूद आब्जर्वर व स्कूल परीक्षा अधीक्षक ने विद्यार्थी की बॉयोमेट्रिक की। इस दौरान विद्यार्थी का आधार नंबर एडमिट कार्ड से मैच नहीं हुआ। जिसके कारण स्टाफ ने विद्यार्थी को परीक्षा में बैठने नहीं दिया। परीक्षा अधीक्षक का कहना है कि उनके हाथ में कुछ भी नहीं है। उन्होंने हरियाणा बोर्ड की ओर से नियुक्त किए गए परीक्षा अधीक्षक अशोक कुमार के कहने पर विद्यार्थी को परीक्षा नहीं देने दी।
प्राचार्या से करवाई बात, फिर भी नहीं देने दिया पेपर
परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुंचे विद्यार्थी कर्ण ने दावा किया कि उसने स्कूल परीक्षा अधीक्षक से अपने स्कूल के प्राचार्या से बात भी करवाई लेकिन उसके बाद भी उसे परीक्षा नहीं देने दिया गया। कर्ण ने दावा किया कि प्राचार्य ने फोन पर यह तक कि परीक्षा तीन घंटे चलेगी आप इसकी जांच कर सकते हैं कि विद्यार्थी सही है या नहीं। अगर सही नहीं हो तो उसके खिलाफ कोई भी कार्रवाई कर सकते हैं।
शनिवार को शांतिपूर्वक परीक्षा संपन्न हुई। इस दौरान किसी भी विद्यार्थी पर कोई यूएमसी नहीं बनाई गई। किसी एक विद्यार्थी को परीक्षा न देने का कोई मामला नहीं आया है।
- अशोक कुमार, परीक्षा अधीक्षक, हरियाणा बोर्ड।