विरोध में दुकानों पर क्यूआर कोड ढककर यूपीआई भुगतान नहीं लेंगे व्यापारी
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन ने 2 अक्तूबर को नो यूपीआई डे मनाने का आह्वान किया है। यह आह्वान यूपीआई के पात्र व्यापारी लेन-देन पर लागू 0.4 फीसदी मर्चेंट डिस्काउंट रेट के विरोध में है। इस दिन मोबाइल रिटेलर्स यूपीआई भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।
आंदोलन में शामिल व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों पर लगे क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे। एआईएमआरए हरियाणा के अनुसार, नए यूपीआई ढांचे में 2,000 रुपये से अधिक के लेन-देन पर 0.4 फीसदी एमडीआर लागू है।
75,000 रुपये या उससे अधिक के लेन-देन पर यह शुल्क अधिकतम 300 रुपये प्रति लेन-देन तक सीमित रहेगा। पर्सन-टू-पर्सन भुगतान और 2,000 रुपये तक के मर्चेंट भुगतान को इससे मुक्त रखा गया है।
सरकार का कहना है कि लगभग 96 फीसदी व्यापारी लेन-देन पर एमडीआर का प्रभाव नहीं पड़ेगा। एसोसिएशन का कहना है कि मोबाइल रिटेल व्यवसाय में लेन-देन की राशि सामान्यत: 2,000 रुपये से अधिक होती है। इससे मोबाइल और अन्य बड़े खुदरा कारोबार पर आर्थिक प्रभाव अधिक पड़ सकता है।
एसोसिएशन की मांग
एआईएमआरए हरियाणा के प्रांतीय महासचिव कपिल अनेजा ने कहा कि मोबाइल विक्रेताओं ने डिजिटल भुगतान को अपनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि डिजिटल भुगतान स्वीकार करने पर अतिरिक्त लागत से इसे बढ़ावा देने के उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। एसोसिएशन की मांग है कि व्यापारियों के लिए यूपीआई पर शून्य एमडीआर व्यवस्था लागू रखी जाए। कपिल अनेजा ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन यूपीआई या डिजिटल इंडिया के खिलाफ नहीं है। एसोसिएशन ने केंद्र सरकार से एमडीआर व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की मांग की है।