23 दिसंबर 2022 सूरजभान सर्वसम्मति से चुने गए थे चेयरमैन
14 महीने पहले भी लाया गया था, उस वक्त अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था
संवाद न्यूज एजेंसी
चोपटा। नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के सदस्यों ने मंगलवार को पंचायत समिति चेयरमैन के सूरजभान बुमरा के खिलाफ उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा। चेयरमैन सूरजभान ने इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा छोड़ कर इनेलो ज्वाइन की थी। हालांकि, अविश्वास प्रस्ताव में सदस्यों ने उपायुक्त को सौंपे प्रस्ताव में लिखा है कि वे चेयरमैन ब्लॉक समिति, नाथूसरी चोपटा की कार्यशैली से संतुष्ट नहीं हैं। इस कारण वे उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित करना चाहते हैं।
30 सदस्यों वाली नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के 21 सदस्यों के हस्ताक्षरयुक्त अविश्वास प्रस्ताव उपायुक्त को सौंपा गया है। इससे पहले नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के अध्यक्ष के खिलाफ 11 नवंबर 2024 को भी पंचायत समिति सदस्यों ने जिला उपायुक्त को अविश्वास प्रस्ताव का पत्र सौंपा था, लेकिन 20 नवंबर 2024 नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया और चेयरमैन सूरजभान की कुर्सी बच गई थी ।
2024 में गिर गया था अविश्वास प्रस्ताव
जिला उपायुक्त ने 20 नवंबर 2024 को बीडीपीओ कार्यालय नाथूसरी चोपटा में पंचायत समिति सदस्यों की बैठक बुलाई थी। बैठक के दौरान एडीसी लक्षित सरीन और बीडीपीओ सार्थक श्रीवास्तव मौजूद रहे। इस दौरान नाथूसरी चोपटा पंचायत समिति के 30 सदस्यों में से 22 सदस्य बैठक में पहुंचे थे, जिसमें से 13 सदस्यों ने अध्यक्ष सूरजभान बुमरा के पक्ष में मत किया और 9 सदस्य विपक्ष में रहे । 8 सदस्य बैठक में नहीं पहुंचे। इस प्रकार अध्यक्ष सूरजभान बुमरा विरोध में विपक्ष द्वारा दिया गया अविश्वास प्रस्ताव गिर गया और अध्यक्ष सूरजभान बुमरा की कुर्सी सुरक्षित रह गई थी।