सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में गुरु तेग बहादुर के 350वीं शहादत वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 8 नवंबर को राष्ट्रीय स्तर पर सेमिनार का आयोजन होने जा रहा है। इसमें बतौर मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंचेंगे। वहीं, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपति भी आमंत्रित किए गए हैं।
बतौर मुख्य वक्ता बठिंडा की सेंटर यूनिवर्सिटी ऑफ पंजाब के कुलपति प्रो. जगबीर सिंह व हरियाणा साहित्य संस्कृत एकेडमी, पंचकूला के कुलपति प्रो. कुलदीप चंद अग्निहोत्री गुरु तेग बहादुर सिंह के जीवन पर प्रकाश डालेंगे। गुरु तेग बहादुर के जीवन और उनके दर्शन पर पूरा सेमिनार आयोजित होगा।
यह कार्यक्रम उच्चतर शिक्षा विभाग, हरियाणा के संयुक्त तत्वाधान में आठ नवंबर को लाइफ एंड फिलॉसफी ऑफ श्री गुरु तेग बहादुर विषय पर यह राष्ट्रीय सेमिनार होगा। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने बताया कि हरियाणा के राज्यपाल इस सेमिनार के मुख्य संरक्षक हैं। गुरु तेग बहादुर जी के जीवन एवं दर्शन पर आयोजित सेमिनार का मुख्य उद्देश्य है।
श्री गुरु तेग बहादुर की शिक्षाओं और जीवन दर्शन का अन्वेषण और प्रसार करना है, जिसमें मानवीय मूल्यों और धर्म के लिए उनके बलिदान के संदेश पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य समकालीन समय में गुरु तेग बहादुर के दर्शन की प्रासंगिकता पर चर्चा करने के लिए विद्वानों और शिक्षाविदों को एक साथ लाना भी है।
आज के समय में हमें यह जानना जरूरी है कि हमारे गुरुओं ने किस प्रकार बलिदान दिया था और क्या आदर्श स्थापित किए थे। उन आदेशों को आज की युवा पीढ़ी के अंदर लेकर आना ही हमारा मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि सिखों के नौंवें गुरु श्री तेग बहादुर जी के धार्मिक स्वतंत्रता और मानव अधिकारों की रक्षा में दिए सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें हिंद की चादर व मानवता के रक्षक के रूप में सम्मानित किया जाता है।
गुरु तेग बहादुर जी की होगी तीसरी चेयर
विश्वविद्यालय में पूर्व में दो चेयर स्थापित की जा चुकी है। इनमें एक सांसद कुमारी सैलजा के पिता चौधरी दलबीर सिंह के नाम पर है और दूसरी संत शिरोमणी रविदास जी के नाम पर है। नवंबर को तीसरी चेयर गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर स्थापित की जाएगी।