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100 संचालकों को डेयरी शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए नप ने दिए नोटिस

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पशु डेयरी संचालकों को नोटिस देते नगर परिषद कर्मचारी। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। शहरी क्षेत्र में चल रही पशु डेयरियों को बाहर शिफ्ट करवाने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने काम शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं डेयरी संचालकों को सफाई रखने के भी निर्देश दिए हैं। नियमों के उल्लंघन करने पर कार्रवाई और जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है। नगर परिषद कर्मचारियों ने विशेष अभियान चलाकर 100 से ज्यादा पशु डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
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स्थानीय निकाय विभाग के आदेश हैं कि शहरी क्षेत्र में पशु डेयरी नहीं संचालित की जा सकती, इन्हें बाहर शिफ्ट करना होगा। लेकिन अभी भी शहरी क्षेत्र में 3 हजार से ज्यादा पशु डेयरियां संचालित हो रही हैं। इसलिए नगर परिषद की ओर से उन्हें नोटिस दिए जा रहे हैं। पिछले एक हफ्ते के दौरान नगर परिषद ने विशेष अभियान चलाया और पशु डेयरी संचालकों को नोटिस जारी किए। सफाई निरीक्षक पवन कंबोज ने बताया कि अभी तक 100 से ज्यादा पशु डेयरी संचालकों को नोटिस दे दिए हैं। नोटिस में कहा गया है कि जल्द से जल्द पशु डेयरी को शहर से बाहर शिफ्ट किया जाए। इतना ही नहीं पशु डेयरी पर सफाई का भी विशेष ध्यान रखें। नियमों का उल्लंघन हुआ तो कार्रवाई की जाएगी।
शहर के इन इलाकों में चल रही पशु डेयरियां
रानियां रोड पर पटेल चौक से लेकर बाबा तारा कुटिया तक बड़ी संख्या में पशु डेयरियां हैं।
थेहड़ मोहल्ला में भी पशु डेयरियां संचालित हो रही हैं।
सिविल अस्पताल रोड पर और अनाज मंडी के आसपास भी कई पशु डेयरी हैं।
हिसार रोड पर भी कई पशु डेयरी हैं।
खैरपुर क्षेत्र में भी पशु डेयरी हैं।
चत्तरगढ़पट्टी क्षेत्र और डबवाली रोड, शमशाबाद पट्टी क्षेत्र में भी पशु डेयरियां हैं।
बेगू रोड पर पशु डेयरियों के कारण परेशानियां होती हैं।
रानियां रोड पर पशु डेयरियां बन चुकी हादसे का कारण
रानियां रोड पर पटेल चौक से लेकर गुरुद्वारा के आसपास और बड़ी सब्जी मंडी तक सड़क के दोनों तरफ बड़ी संख्या में पशु डेयरियां हैं। पशु डेयरी से निकलने वाले मल-मूत्र को सही तरीके से निस्तारण करने की बजाय सीवरेज में पानी के साथ बहा दिया जाता है। इसी कारण रानियां रोड पर सीवरेज की बड़ी लाइन तक भी जाम हो गई। हालात ये हो गए कि रानियां रोड स्थित गुरुद्वारा चिल्ला साहिब के गेट के सामने करीब तीन साल पहले सड़क भी धंस गई थी। इतना ही नहीं ये सड़क एक बार नहीं बल्कि दो बार धंसी। सड़क का 20 फुट से ज्यादा हिस्सा धंस गया और करीब 30 फुट गहरा गड्ढा हो गया था। तत्कालीन डीसी अशोक गर्ग ने जांच के आदेश दिए। जांच में खुुलासा हुआ कि पशु डेयरियों से निकलने वाले मल-मूत्र के कारण लाइन चोक हुई और ये हालात हुए। लेकिन इसके बावजूद डेयरी संचालक इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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बेसहारा पशुओं का भी कारण बन रही पशु डेयरियां
रानियां रोड पर कई परिवार ऐसे हैं जो गाय पालते हैं और सुबह-शाम दूध निकालते हैं। लेकिन दूध निकालने के बाद गायों को सड़क पर छोड़ देते हैं। पूरा दिन पशु इधर-उधर घूमते हैं। जहां एक ओर से आवारा पशु हादसों का कारण बनते हैं वहीं दूसरी ओर पूरा दिन सड़कों पर गंदगी फैलने का कारण भी बनते हैं। लोग ऐसा इसलिए करते हैं ताकि पशुओं को चारा ना खिलाना पड़े और उनका ध्यान ना रखना पड़े। केवल दूध निकालने के समय पशुओं को पकड़कर ले जाते हैं और उसके बाद खुला छोड़ दिया जाता है। नगर परिषद अधिकारी और कर्मचारी पशु पकड़ो अभियान चलाते हैं, उस समय ये हंगामा करते हैं और पशु नहीं पकड़ने देते।
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शहरी क्षेत्र में पशु डेयरी संचालित नहीं की जा सकती। इसलिए नगर परिषद अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पशु डेयरियों के संचालकों को नोटिस दिए जाएं।
-जयवीर यादव, प्रशासक एवं एसडीएम, नगर परिषद, सिरसा।
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