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नगर पार्षद बोले, किसी वार्ड में एक करोड़ तो किसी में महज दो लाख रुपये किए जा रहे हैं खर्च

Thu, 04 May 2017 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
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nagar parisad - फोटो : Bureau
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 शहर की सरकार यानि नगर परिषद की बुधवार सुबह दूसरी बैठक बेहद हंगामेदार रही। नगर परिषद अध्यक्ष शीला सहगल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कांग्रेसी नगर पार्षद नगर परिषद द्वारा वार्डों के विकास कार्यों में भेेदभाव को लेकर बिफर पड़े। नप ईओ समक्ष नगर पार्षदों द्वारा अपना विरोध जतानेे के चलते वार्डों में  विकास कार्यों को लेकर नप का प्रस्ताव पास नहीं हुआ। नगर परिषद की इस बैठक  में एक बात सबसे खास यह रही कि बीजेपी नगर पार्षदोें को सांसद कोटे से अपने वार्ड में विकास पसंद नहीं।
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बैठक की शुरुआत में नप ईओ अतर सिंह ने नगर पार्षदों समक्ष पिछले वित्त वर्ष का लेखा-जोखा रखते हुए बताया कि नगर परिषद के पास सिरसा सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी के सांसद कोटे से 11 लाख रुपये आए थे। इस राशि से वार्ड नंबर 29 में प्रवेश द्वार बनाया जाना था। नगर परिषद ने इसका टेंडर जारी कर दिया, लेकिन वार्ड की नगर पार्षद ज्ञान कौर ने सांसद कोटे से प्रवेश द्वारा बनाने पर मंजूरी नहीं दी और टेंडर रद्द हो गया। यह सुनकर अधिकांश नगर पार्षदों के चेहरों पर मुस्कान आ गई।
ईओ अतर सिंह ने नगर पार्षदों से कहा कि इस वर्ष से वार्डों में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए तीसरा पक्ष रखा जाएगा। तीसरे पक्ष में शामिल अधिकारी वार्ड में जाकर हर कार्य का निरीक्षण करेंगे और अपनी रिपोर्ट देंगे। अगर कार्य में कमी पाई गई तो उसकी पेमेंट नहीं की जाएगी। ईओ द्वारा नगर परिषद का बजट पास करवाने के दौरान ही नगर पार्षदों को इमरती, गुलाब जामुन और बर्फी की प्लेटें दीं। मिठाई खाने का आनंद लेते ही ईओ अतर सिंह ने बजट से जुड़ा जो भी प्रस्ताव नगर पार्षदों के समक्ष रहा वो सर्वसम्मति से पास होता गया। सबसे खास प्रस्ताव मिठाई खिलाने के बाद यह रखा गया कि नगर परिषद में सबसे ज्यादा मेहनती सफाई कर्मचारी होते हैं, इन्हें सबसे ज्यादा काम करना पड़ता है, ऐसे में सफाई कर्मचारियों का दिल भी परिवार के साथ घूमने का करता है। उन्हें लगता है कि परिवार के साथ कुछ दिन बाहर बिताए, इसलिए नगर परिषद का प्रस्ताव है कि इस साल 50 लाख रुपये का बजट सफाई कर्मचारियों के लिए रखा जाए। सभी नगर पार्षदों ने नगर परिषद का यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया।
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इसके बाद बैठक का सबसे अहम दौर की शुरुआत हुई। नगर परिषद की तरफ से वार्डों में किए जा रहे कार्यों की सूची नगर पार्षदों को दी गई। सूची देकर वार्ड नंबर 17 की नगर पार्षद रीना सेठी और वार्ड 19 की पार्षद नीतू सोनी ने ईओ समक्ष विरोध जताना शुरू कर दिया। महिला पार्षदों ने कहा कि छह महीने हो गए कमेटी का गठन हुए, वार्डों में विकास कार्य शुरू नहीं हुआ। पिछली बैठक में नगर परिषद ने सभी 31 वार्डों को विकास कार्यों के लिए 20-20 लाख रुपये जारी करने का प्रस्ताव पास किया था, लेकिन इस प्रस्ताव के अनुसार कोई कार्य नहीं हो रहा। वार्डों के विकास कार्य में भेदभाव किया जा रहा है। नगर पार्षद रीना सेठी ने कहा कि एक वार्ड में एक करोड़ के काम चल रहे हैं और एक वार्ड में दो लाख के। इसके बाद नप उपाध्यक्ष रणधीर सिंह सहित तमाम विपक्षी पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया। बीजेपी की नगर परिषद अध्यक्ष शीला सहगल ने भी इस पर सहमति जताई। नप उपाध्यक्ष रणधीर सिंह ने नप अध्यक्षा का इस मुद्दे पर साथ देने के लिए उनका आभार जताया। नगर परिषद का यह प्रस्ताव पास नहीं हो पाया और ईओ ने कहा कि जिस भी वार्ड में जो काम चल रहा है, जब तक नगर पार्षद उससे संतुष्ट नहीं होता नगर परिषद बिल पास नहीं करेगी। नगर परिषद की तरफ से अब 15 दिनों के भीतर नगर पार्षदों की फिर से बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें समान वार्ड-सामान विकास की नीति पर चर्चा होगी।

साइन बोर्ड पर पक्ष-विपक्ष एक साथ
नगर पार्षदों के उनके वार्ड में साइन बोर्ड लगाने को लेकर नगर परिषद की तरफ से प्रस्ताव रखा गया है कि नगर पार्षद के पते का साइन बोर्ड सामान्य रखा जाए, स्टाइलिश या उच्च क्वालिटी का। सभी नगर पार्षदों ने एक मत से कहा कि नगर पार्षद का साइन बोर्ड उच्च क्वालिटी का होना चाहिए। वो मजबूत और दिखने में शानदार लगे, ईओ अतर सिंह ने कहा कि ऐसे एक साइन बोर्ड के ऊपर 12 से 15 हजार रुपये का खर्चा हो जाएगा। नगर पार्षदों ने कहा कि साइन बोर्ड बढ़िया होना चाहिए, कीमत चाहे जितनी लग जाए। इसके साथ ही ये प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास हो गया। नप जल्द ही साइन बोर्ड का टेंडर जारी कर देगी। शहर के 31 वार्डों, एमपी और एमएलए के निवास स्थान के बाहर ये साइन बोर्ड लगेंगे।

शहर में दस स्थानों पर बनेंगे शौचालय
नप की बैठक में नप की तरफ से कहा गया कि इस वर्ष शहर में दस स्थानों पर शौचालय बनाए जाने हैं। सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत ये जरूरी है। शौचालयों के लिए स्थानों का चयन कर लिया गया है। जिस स्थान पर शौचालय बनाए जाएंगे, उसमें सिविल अस्पताल रोड ग्रीन बेल्ट, अनाज मंडी, ऑटो मार्केट, बरनाला रोड हुडा ग्रीन बेल्ट, रंगड़ी रोड, डीसी जैन पार्क, न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, भादरा पार्क के सामने व बरनाला रोड शामिल हैं। कई पार्षदों ने ईओ से कहा कि उनके वार्ड में भी शौचालय का निर्माण करवाया जाए, इस पर नप ने कहा कि जगह का चयन करके पार्षद बता दें, सरकारी और गैर सरकारी दोनों तरीके से शौचालय का निर्माण करवाया दिया जाएगा।

फॉगिंग से फायदा कम, नुकसान ज्यादा
नप की मीटिंग में जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. दीप विशेष तौर पर उपस्थित थीं। उन्होंने नगर पार्षदों से कहा कि अपने-अपने वार्ड में सफाई पर ध्यान दें। कहीं पर भी पानी एकत्रित न होने दें नहीं तो मच्छर का लारवा पनपने लगेगा और मलेरिया फैल सकता है। डॉ. दीप ने कहा कि वार्डों में जहां पर भी नालियां बंद हैं, उसे खुलवाएं, तेल का छिड़काव जरूर करें। नगर पार्षदों ने कहा कि वार्डों में फॉगिंग करवा दो, इस पर जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा कि ऐसी नौबत ही न पैदा होने दे की फॉगिंग करनी पड़े। फॉगिंग से फायदा कम और नुकसान बहुत होता है। कैंसर जैसा घातक रोग फॉगिंग से हो सकता है। तेल का छिड़काव जहां पर करना हो तो नगर परिषद को सूचना देकर करवाएं। जो भी शख्स पार्षदों की बात न मानें तो सीधा मलेरिया विभाग में शिकायत करें। मलेरिया विभाग कानूनी तौर पर उक्त शख्स को नोटिस जारी करेगा, जिसमें अर्थदंड का प्रावधान है।
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