रोड़ी के बहुचर्चित भीरखा हत्याकांड मामले में वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्यारोपी को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्यारे पर 12 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है।
भुगतान न करने पर छह माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। मामले के अनुसार रोड़ी निवासी भीरखा सिंह का गांव के अमरीक सिंह से खेत के रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों में कई बार पहले झड़प भी हो चुकी थी। पुलिस के अनुसार आठ जुलाई 2013 को भीरखा सिंह अपने खेत में काम कर रहा था और इस दौरान अमरीक सिंह बंदूक लेकर उसके पास आया। उधर भीरखा की पत्नी खाना लेकर खेत में आ रही थी।
उसके सामने ही अमरीक सिंह ने भीरखा सिंह को देखते ही देखते गोली मार दी। भीरखा नीचे गिर पड़ा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात की सूचना मिलते ही रोड़ी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों को बयान दर्ज करके अमरीक सिंह पर हत्या व शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर लिया। वारदात के दो दिन बाद अमरीक सिंह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। ढाई साल तक चले इस मामले का निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने हत्यारे अमरीक सिंह को हत्या में उम्रकैद व हर्जाने की सजा सुनाई है।