सिरसा। चार वर्षों के दौरान जिले में कई तरह के विकास कार्य पूरे हुए जबकि कई विकास कार्य अभी अधर में ही लटके हैं। प्रदेश सरकार की ओर से जिले को कई तरह की सौगात दी गई। जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, सड़क, पानी निकासी से संबंधित रही। इसके अलावा में शहर में जाम की स्थिति भी काफी रहती है। उससे निपटने के लिए पार्किंग इनमें से मुख्य योजना थी। जिसके पूरे होने के बाद जिलेवासियों को इसका काफी लाभ मिलेगा।
पानी निकासी के लिए अमरुत योजना के तहत चल रहा काम
शहर में बारिश के दिनों में जलभराव की स्थिति बन जाती है। जिसको लेकर सरकार की ओर से अमरुत योजना के तहत हिसार रोड से रंगोई नाला तक पाइप लाइन डालने का काम किया जा रहा है। लाइन डालने का काफी काम पूरा भी हो चुका है। साढ़े 10 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से शहर वासियों को काफी लाभ मिलेगा। वहीं शहर के बाजारों में जलभराव की निकासी के लिए भी 28 करोड़ की लागत से पाइप लाइन डाल शहर के बरसाती और सीवरेज के पानी को घग्घर नदी में डालने का प्लान भी तैयार किया गया है। जिससे शहर में जलभराव की स्थिति से लोगों को निजात मिल सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग के नाम हुई मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन
शहर के बाईपास रोड स्थित सीडीएलयू के समक्ष कपास अनुसंधान केंद्र की 21 एकड़ जमीन पर मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए जगह का चयन किया गया है। यह जमीन एचएयू हिसार की है और कपास अनुसंधान केंद्र ने इसे लीज पर लिया हुआ है। विभाग की ओर से अब यह 21 एकड़ जमीन मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के नाम भी कर दी गई है। करीब 325 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज बनाया जाना है। वहीं दूसरे तरफ स्वास्थ्य विभाग की ओर से सिरसा के नागरिक अस्पताल को भी 200 बेड का अस्पताल घोषित कर दिया गया है। जिसको लेकर जल्द ही उपकरण और डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया की जाएगी। जिसके चलते जिले वासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
60 करोड़ की लागत से बनेगी शहर में मल्टीस्टोरी पार्किंग
शहर में जाम की स्थिति से निपटने के लिए नगर परिषद की ओर से शहर के बीच में ही खाली पड़े चार प्वाइंटों का चयन किया गया है। 60 करोड़ रुपये की लागत से इन चार प्वाइंटों पर मल्टीस्टोरी पार्किंग तैयार की जाएगी। मोहंत मार्केट स्थित गर्ल्स स्कूल, पुराना बीईओ कार्यालय, पुराने सदर थाना का भवन और ट्रेड टावर मार्केट में मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। मल्टीस्टोरी पार्किंग बनाने के लिए विभाग की ओर से सभी प्रकार की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
शहर से बाहर शिफ्ट होंगी सभी मंडियां, जगह का किया जा रहा चयन
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में शहर के बीच में स्थिति अनाज मंडी, सब्जी मंडी और लक्कड़ मंडी को शहर से बाहर शिफ्ट करने के लिए मार्केट कमेटी की ओर से जगह का चयन किया जा रहा है। एक सप्ताह पहले ही विभाग की ओर से अलग-अलग स्थानों पर चार साइटों का निरीक्षण किया गया। जिनमें से अभी कोई भी साइड फाइन नहीं हो पाई है। जगह के चयन होने के बाद ही शहर की तीनों मंडियों को शहर से बाहर शिफ्ट कर दिया जाएगा।