सिरसा। डिप्टी स्पीकर रणवीर गंगवा की गाड़ी पर पथराव मामले में देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार पांच आंदोलनकारी किसानों को रिहाई की मांग को लेकर शनिवार को किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत सिरसा के बरनाला रोड स्थित शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में संयुक्त किसान मोर्च के आह्वान पर बुलाई गई थी।
पुलिस व प्रशासन ने लघु सचिवालय की ओर जाने वाले सभी रास्तों को बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिया। सिर्फ विश्वविद्यालय के गेट से बाहर आ जा सकते थे। पुलिस ने सुबह बाल भवन और सदर थाना के पास बेरिकेड्स लगाकर रास्ता बंद कर दिया। किसानों को वहीं पर रोका जाने लगा। करीब आधे घंटे तक किसानों और पुलिसकर्मियों में बहस चलती रही। पुलिस ने किसानों को दूसरे रास्ते से स्टेडियम में जाने को कहा तो किसान भड़क उठे। किसानों ने पुलिस द्वारा लगाए सभी बेरिकेड्स को तोड़ दिया और शहीद भगत सिंह खेल स्टेडियम में पहुंच गए। स्टेडियम में करीब तीन हजार की संख्या में किसान पहुंच गए।
किसानों को संबोधित करने के लिए संयुक्त किसान मोर्चा से किसान नेता राकेश टिकैत, जगजीत सिंह दल्लेवाल, कुलवंत सिंह संधू, अभिमन्यु कुहाड़, बलदेव सिंह सिरसा, रवि आजाद, विकास सीसर, प्रगट सिंह, मनदीप नथवान पहुंचे। राकेश टिकैत ने कहा कि प्रदेश की बीजेपी सरकार व प्रशासन शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे किसानों को उकसा रहे हैं, ताकि दिल्ली में चल रहा आंदोलन को डबवाली में शिफ्ट किया जा सकें। लेकिन किसान दिल्ली को नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार कंपनियां चलाती है। इसलिए किसी और पार्टी की सरकार होती तो हम बातचीत कर लेते और अब तक समाधान भी निकल आता। यह कंपनी की सरकार है और इसलिए आंदोलन और लंबा चलेगा। उन्होंने कहा कि देश की आजादी का आंदोलन 1857 की क्रांति के बाद 90 वर्ष चला था। दिल्ली में आंदोलन को चलते हुए अभी 8 महीने हुए है। इसलिए आंदोलन अभी कितना लंबा चलेगा, यह अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। राकेश टिकैत ने कहा कि अगर जमीनें बचानी है तो आंदोलन करने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस पर गाड़ियों के शीशे तोड़ने पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं होता तो किसानों पर किस आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। उन्होंने प्रशासन का चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों पर जो केस बनाए गए हैं उन्हें वापस लिया जाए, नहीं तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का इलाज अब गांव के किसान करेंगे। उन्होंने इसकी दवाई तैयार कर ली है। बंगाल में दवाई का उपयोग किया गया था जिसका परिणाम देखने को मिला।
दल्लेवाल ने आंदोलन को बताया आजादी की दूसरी लड़ाई
किसान महापंचायत को संबोधित करते हुए किसान नेता जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन आजादी की दूसरी लड़ाई है, इसलिए किसान मुकदमे और जेल जाने से नहीं डरते। जेलें भरेगी तभी जीत का बिगुल बजेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने एसपी ऑफिस की तरफ जाने वाले रास्ते बेरिकेड्स लगाकर बंद कर दिए हैं। प्रशासन रास्ता खुलवाए अन्यथा किसान सड़कों पर जाम लगा देंगे, जिसका जिम्मेवार खुद प्रशासन होगा। वहीं किसान नेता अभिमन्यु कुहाड़ ने कहा कि अब भाजपा नेता महिलाओं का अपमान कर रहे हैं। हिसार में भाजपा के तथाकथित नेता ने माताओं बहनों की तरफ अश्लील इशारे किए हैं। यूपी में महिलाओं की साड़ी उतारी जा रही है। किसानों पर देशद्रोह के केस दर्ज किए जा रहे हैं, जबकि देश बेचने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। सुप्रीम कोर्ट के जज ने भी कहा है कि देशद्रोह अंग्रेजों के जमाने का कानून है और सरकार वही कानून लगाकर भगत सिंह के रास्ते पर चलने वालों को जेल भेज रही है।
बिजली के तारों से टकरा रोड पर गिरा
किसान शाम 6.30 बजे के करीब एसपी कार्यालय का घेराव करने के लिए चल दिए। इसी बीच किसानों पर निगरानी करने वाला ड्रोन बिजली की तारों से टकरा गया और रोड पर गिर गया। गिरे हुए ड्रोन कैमरे को देख किसानों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद कर्मचारी ड्रोन कैमरे को उठा ले गया।
एंबुलेंस को भी नहीं जाने दिया
बाल भवन से लेकर पूरे बरनाला रोड को पुलिस व जवानों ने बेरिकेड्स लगाकर ब्लॉक किया हुआ था। इसी दौरान एक एंबुलेंस मरीज को लेकर जा रही थी, लेकिन सुरक्षा कर्मचारियों ने उसे नहीं जाने दिया। जब किसानों को इस बात का पता चला तो वे मौके पर पहुंचे और एंबुलेंस को जाने देने की बात कही, लेकिन पुलिस कर्मी नहीं माने। इसके बाद किसानों ने जब बेरिकेड्स हटाने शुरू किए तो पुलिस कर्मचारियों ने आनन-फानन में एंबुलेंस को जाने दिया और फिर से मार्ग बंद कर दिया।
उपमुख्यमंत्री और बिजली मंत्री आवास के मार्ग को किया सील:
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला व बिजली मंत्री चौ. रणजीत सिंह के आवास की ओर जाने वाले मार्ग को पूरी तरह सील कर दिया गया है। भारी संख्या में सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। कंटीली तारें व बेरिकेड्स लगाकर मार्ग को बंद किया गया है, ताकि कोई अंदर प्रवेश न कर सके।
बलदेव सिंह सिरसा करेंगे आमरण अनशन
गिरफ्तार किए गए किसानों को शाम 7:30 बजे तक रिहा न किए जाने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने बैठक की। बैठक के बाद किसानों ने फैसला लिया कि बलदेव सिंह सिरसा रविवार 12 बजे के पश्चात दक्ष प्रजापति चौक पर लगाए गए पक्का मोर्चा पर आमरण अनशन करेंगे। जब तक किसानों की रिहाई नहीं होगी तब तक वह अपने अन्न का एक दाना भी नहीं खाएंगे। जगजीत सिंह दल्लेवाल ने कहा कि अन्य किसान भी यहां पर धरना देंगे और बलदेव सिंह सिरसा का ध्यान रखेंगे। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसानों की संख्या पक्का मोर्चा से कम नहीं होनी चाहिए।