जब भाइयों ने प्रेमी को मौत की नींद सुला दिया तो बहन को मारने के लिए उनके हाथ कांप रहे थे। तब मैंने ही कहा था कि बेगाने को मारकर अपनी मत छोड़ो, दोनों का ही दोष बराबर है। आज इसे छोड़ दिया तो कल किसी दूसरे को मरवाएगी। उसके बाद ही भाइयों ने इकलौती बहन का कत्ल किया। ऑनर किलिंग मामले में पुलिस के सामने मृतका की मां परमजीत कौर ने यह बात कबूली। पुलिस के अनुसार परमजीत कौर ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं और बेटी सबसे बड़ी थी। इकलौती होने के कारण वह सबकी लाडली थी। 10वीं में फेल होने के बाद वह घर पर ही रहती थी। 13 फरवरी की रात उसने सबके लिए खाना बनाया था। मंझले बेटे को छोड़ सबने खाना खाया था। परमजीत कौर के मुताबिक शायद खाने में नींद की गोलियां डाली हुई थी। मंझला बेटा बाहर से कुछ खाकर आया था। रात दो-ढाई बजे बहन के कमरे से आ रही आवाज से उसकी नींद टूटी। उसने एक युवक के साथ बहन को आपत्तिजनक हालत में देखा और हम सबको जगाया। मेरे पति सुखमंदर सिंह, बड़े बेटे गुरजिंद्र सिंह और जेठ के बेटे सरदूल सिंह को साथ लेकर दोनों को पकड़ लिया। सभी ने युवक के गले पर डंडा रखकर उसे मौत की नींद सुला दिया। बहन की ओर जब भाइयों के हाथ बढ़े तो कांपने लगे। परमजीत के मुताबिक तब उसने अपने बेटों से कहा कि इसे भी मार दो। परमजीत कौर ने कहा कि हम उससे प्यार करते थे। वो अपने प्रेम का इजहार पहले कर देती तो हम शादी करवा देते। एक बार भी उसने अपने दिल की बात नहीं कही। उसने हमें धोखा दिया, इसकी सजा ही उसे दी। अपने किए पर हम शर्मिंदा नहीं है।पांच हत्यारों में एक नाबालिगगांव पन्नीवाला मोटा निवासी सुखवीर और उसकी प्रेमिका को मौत के घाट उतारने वालों में युवती के पिता गांव डबवाली निवासी सुखमंदर, मां परमजीत कौर उर्फ किरणा, भाई गुरजिंद्र, सरदूल के साथ-साथ एक नाबालिग भी शामिल है। जो मृतका का मंझला भाई है। वीरवार को पुलिस ने नाबालिग को सिरसा अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे बाल सुधार गृह, हिसार भेजने के आदेश दिए। शेष चारों आरोपियों को न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) दविंद्र सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने पुलिस से पूछा कि दोनों को मारकर कहां फेंका है? क्या शव बरामद हो गए हैं? आईओ इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह ने कहा कि मृतकों को राजस्थान केनाल में फेंका गया है। शवों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने महिला आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए, चारों को तीन दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया।
सुखवीर और उसकी प्रेमिका की हत्या कर शव सुखमंदर, उसका बेटा एक जीप में डालकर राजस्थान केनाल तक ले गए। पहले युवती के शव को नहर में फेंका और बाद में सुखवीर का शव। रिमांड अवधि के दौरान हत्या में प्रयोग की गई जीप और डंडा बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। - इंस्पेक्टर धर्मवीर सिंह, प्रभारी, थाना ओढ़ां