डबवाली। मंडी में दीवार पर बैठे बंदर। संवाद
डबवाली। शहर में बंदरों के उत्पात से लोग परेशान हैं। कई बार बंदर बच्चाें और बुजुर्गों को काट चुके हैं। वीरवार को वार्ड आठ के एकता नगरी के युवक नीतीश पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। बंदरों के हमले में युवक घायल हो गया और उसे नागरिक अस्पताल में ले जाया गया। जहां पर चिकित्सकों ने उपचार के बाद युवक को छुट्टी दे दी।
इस घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ है। लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि नगर परिषद ने बंदर पकड़ने के लिए ठेका देने के बाद भी शहर में बंदरों का उत्पात कम नहीं हो रहा है। घटना की सूचना मिलते ही नगर परिषद चेयरमैन टेकचंद छाबड़ा और वाइस चेयरमैन अमनदीप बांसल मौके पर पहुंचे।
एकता नगरी के निवासियों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। चेयरमैन छाबड़ा व अमनदीप ने बताया कि कुछ समय पूर्व नगर परिषद ने धारा 35 ए के तहत बंदर पकड़ने के लिए प्रस्ताव डीएमसी सिरसा को भेजा था, लेकिन उसे मंजूरी नहीं मिली। उन्होंने आश्वासन दिया है कि 30 सितंबर को हुई नगर परिषद बैठक में इस मुद्दे को दोबारा प्रमुखता से उठाया गया था और नया प्रस्ताव भेजा गया है, ताकि जल्द से जल्द शहर को बंदरों के उत्पात से मुक्ति दिलाई जा सके।
लोगों ने जताई नाराजगी
स्थानीय निवासी ओमप्रकाश ग्रोवर, राजेश ग्रोवर, वंदना मेहता, गिरीश मेहता, सविता चौधरी और संतलाल ने बताया कि बंदर रोजाना झुंड में आते हैं और छतों पर जमकर उत्पात मचाते हैं। बंदर पानी की टंकियों की पाइपों, एसी के कंप्रेसर और अन्य घरेलू उपकरणों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। डर के कारण गली में चलना फिरना मुश्किल हो गया है और लोग दिनदहाड़े भी घरों के दरवाजे बंद कर कैद होने को मजबूर हैं।
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बच्चे को घसीटकर ले गए थे बंदर
बंदरों की हिंसक गतिविधियां कोई नई बात नहीं हैं। 18 सितंबर को इसी वार्ड में 13 वर्षीय कुबेर पर बंदरों के झुंड ने हमला किया था और उसे घसीटते हुए ले जाने की कोशिश की थी। सौभाग्यवश, मौके पर पहुंचे बुजुर्ग और एक मिस्त्री ने साहस दिखाकर बच्चे की जान बचा ली थी। इससे पहले एक महिला को भी बंदरों ने बुरी तरह घायल कर दिया था, जिसे गंभीर हालत में एम्स बठिंडा रेफर किया गया था।