राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य और छात्राओं में भारतगौरवशतकम पुस्तक विवाद के मामले को लेकर शुक्रवार को अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति के सदस्यों ने एडवोकेट बलबीर कौर गांधी की अध्यक्षता में उपायुक्त के नाम तहसीलदार प्रदीप कुमार को ज्ञापन सौंपा। प्रधान रमेश कुमारी व सचिव संतोष ने संयुक्त रूप से बताया कि प्राचार्य द्वारा अनुसूचित जाति की छात्राओं की डॉ. आंबेडकर छात्रवृत्ति व टॉप 20 छात्रवृत्ति फार्म पर हस्ताक्षर करने से पहले अवैज्ञानिक सोच से परिपूर्ण भारतगौरवशतकम नामक पुस्तक जबरदस्ती 100 रुपये में दी जा रही है। कॉलेज में प्राचार्य द्वारा छात्राओं के पहनावे को लेकर टिप्पणी की जाती है।
लाइब्रेरियन से छात्राओं के नाखून जबरदस्ती कटवाए जाते हैं। एक ही नेल कटर से सभी लड़कियों के नाखून काटे जाते हैं। ऐसे में एचआईवी जैसे संक्रमण रोगों का खतरा है। जनवादी महिला समिति महाविद्यालय के प्रिंसिपल द्वारा की जा रही अवैज्ञानिक तथा महिलाओं को पीछे धकेलने वाली गतिविधियों का विरोध करती है। एडवोकेट बलबीर कौर गांधी ने कहा कि आज कि इस वैज्ञानिक सोच वाले देश में कॉलेज प्रिंसिपल की रूढ़िवादी सोच महिलाओं के प्रति अच्छा दृष्टिकोण नहीं रखती। अगर परीक्षाएं करवानी है तो वैज्ञानिक सोच के विषय को लेकर होनी चाहिए न की रूढ़िवादी सोच पर। पहले ही बहुत संघर्ष से महिलाएं उभर कर सामने आई है लेकिन प्राचार्य की सोच उन्हें वापस उसी माहौल में भेजने का काम कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि इस ज्ञापन के माध्यम से यह मांग की है कि उपरोक्त मामले निष्पक्ष जांच की जाए। साथ ही शिक्षण संस्थान में अवैज्ञानिक सोच से परिपूर्ण, महिला विरोधी किताबों पर रोक लगे व उससे संबंधित करवाई जाने वाली प्रतियोगिताओं पर भी रोक लगे। जिन छात्राओं से रुपये लिए गए हैं उन्हें वापस किया जाए। तहसीलदार प्रदीप कुमार ने कहा कि ज्ञापन ले लिया है, यह सभी बातें वे उपायुक्त के समक्ष जरूर रखेंगे।