वीडियो कॉफ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के जिला अधिकारियों की बैठक लेते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आ
सिरसा। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के चेयरमैन राजेश वर्मा ने खरीफ 2025 में पराली प्रबंधन की तैयारियों को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रदेश के जिला अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में स्ट्रा मैनेजमेंट, औद्योगिक क्षेत्र में पराली के उपयोग, इन सीटू मैनेजमेंट, किसान मित्र बनाने, पुराने अनुभव के आधार पर योजना तैयार करने, गोशालाओं में पराली का चारे के रूप में उपयोग और जिला, उपमंडल व गांव स्तर पर पराली में आगजनी को रोकने के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार करने के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि जिला में पराली में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए माइक्रो लेवल पर मैपिंग की जाएगी। गांव स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे और बेलरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा धान की कम अवधि वाली किस्में लगाने को लेकर जागरूक किया जाएगा, ताकि पराली प्रबंधन के लिए किसान को समय मिल सके। उन्होंने बताया कि जिला की पराली से 15 पैलेट बनाने की यूनिट लग चुकी है और जिला पैलेट बनाने का हब बनता जा रहा है। इन पैलेट यूनिट को बेलर के साथ जोड़ा जाएगा ताकि वे भी आमदनी कर सकें और किसान का भी इसका लाभ मिले। इसके अलावा बेलर मशीन से पराली प्रबंधन करवाने के लिए पंचायती जगह भी उपलब्ध करवाई जाएगी। इस मौके पर उप निदेशक कृषि डा. सुखदेव सिंह, डीआईओ सिकंदर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।