सरपंच व पंचायत के लोग उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने के लिए पहुंचे।
डबवाली। उपमंडल के गांव बिज्जूवाली में आवारा कुत्तों का आतंक लोगों के लिए जानलेवा बन चुका है। गांव की एक महिला की कुत्ते के काटने से मौत के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीण भयभीत हैं और बच्चों व महिलाओं ने घर से बाहर निकलना बंद कर दिया है। वीरवार को ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने सरपंच सुरेंद्र सुथार के नेतृत्व में उपायुक्त शांतनु शर्मा को मांगपत्र सौंपा। इसमें गांव से आवारा व हिंसक कुत्तों को पकड़ने की मांग उठाई।
बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल
सरपंच सुरेंद्र सुथार ने बताया कि ग्रामीण पिछले कई महीनों से इन कुत्तों के आतंक से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि अब स्थिति इतनी खराब हो गई है कि महिलाएं घरों से बाहर नहीं निकल पा रही हैं और बच्चे स्कूल तक नहीं जा पा रहे हैं। गांव की गलियों में हर जगह 3 से 4 कुत्ते घूमते नजर आते हैं। वर्षा रानी की मौत के बाद हर परिवार डरा हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं देता तो ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने बताया कि बीते कुछ महीनों में लगभग दो दर्जन लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं।
यह था मामला
गांव बिज्जूवाली करीब तीन सप्ताह पूर्व आवारा कुत्ते के काटने से संक्रमित हुई 42 वर्षीय वर्षा रानी की इलाज के दौरान मौत हो गई। वर्षा रानी को 23 दिन पूर्व गांव के ही आवारा कुत्ते ने सिर, चेहरे, हाथ समेत कई जगह पर काट लिया था। शुरुआत में परिजन उन्हें डबवाली के सरकारी अस्पताल में लेकर गए, जहां चिकित्सकों द्वारा रैबीज के टीके लगाए गए। हालांकि, टीकाकरण के बावजूद महिला की तबीयत बिगड़ती चली गई। बठिंडा एक्स और बरेली में भी उपचार करवाया गया, लेकिन उनकी जान बच न सकी।