संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। आईसीआईसीआई बैक फतेहाबाद के डिप्टी मैनेजर रेलवे महकमे में सरकारी नौकरी की लालच में जालसाजों के फेर में फंस गए। इतना ही नहीं बैंक से अपने पद से इस्तीफा भी दे दिया। उनके साथ 8,12000 रुपये की ठगी होने का एहसास होने पर होश उड़ गए। ठग ने 10 महीने तक युवक को रेलवे में नौकरी के नाम पर अमृतसर से लेकर दिल्ली तक के चक्कर कटवाए और फर्जी ज्वाइंनिंग लेटर दिए। नौकरी नहीं मिलने पर पीड़ित ने डबवाली पुलिस को ठगी की शिकायत दर्ज करवाई।
मिली जानकारी के अनुसार डबवाली के वार्ड नंबर दो निवासी केशव कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है कि वह फतेहाबाद में आईसीआईसीआई बैक में डिप्टी मैनेजर के पद पर कार्यरत है। जनवरी 2024 में वह अपने घर डबवाली आया हुआ था। इस दौरान रजनीश कुमार नामक व्यक्ति से मुलाकात हुई। रजनीश ने कहा कि रेलवे विभाग में उसकी अच्छी जान पहचान है। वह खर्चा करें तो जान पहचान के बल पर उसे रेलवे में सरकारी नौकरी लगवा देगा। इसके बाद उसने अपने पिता अशोक कुमार से बातचीत की। पिता ने भी रजनीश से मुलाकात की। दोनों के सामने रजनीश ने नौकरी लगवाने के नाम पर आठ लाख रुपये की मांग की। उन्होंने रुपये देने की हामी भर ली। रजनीश ने कहा कि सारी धनराशि उसके खाते में जमा करवा देना। दो लाख रुपये पहली किस्त के तौर पर जमा करवा दिए।
2 फरवरी 2024 को रजनीश के मोबाइल पर ग्रुप डी का ज्वाइंग लेटर व्हाटसएप पर आया, जो कि अमृतसर का था। वह रजनीश के साथ ज्वाइन करने के लिए अमृतसर गया और होटल में रुका। इसके बाद अमृतसर में एसके से उसकी मुलाकात करवाई। रजनीश के कहने पर एसके ने उसका मेडिकल करवाया। एसके के कहने पर रजनीश के खाते में डलवा दिए। इसके बाद संजय कुमार के साथ उसकी मुलाकात करवाई गई। उसने कहा कि आपका मेडिकल हो गया है और आप अपनी नौकरी छोड़ दो। उसके कहें अनुसार 6 फरवरी को बैंक के डिप्टी मैनेजर के पद से त्यागपत्र दे दिया। इसके बाद आरोपी संजय की बहन पूजा ने कहा कि दो लाख रुपये रजनीश की पत्नी रूपाली मेहता के खाते में ट्रांसफर कर दो। आरोपी संजय कुमार ने नौकरी के लिए आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज ले लिए। कहा कि आपको ट्रेनिंग के लिए काल कर बुलाया जाएगा। इसके बाद अपनी ट्रेनिंग का लेटर का इंतजार करता रहा।
आरोपी उसे रेलवे स्टेशन के गेट कीपर संजय कुमार के कार्यालय में बैठा देता। रजनीश ने कहा कि आखिरी किस्त जमा करवा दो। ट्रेनिंग जल्द ही शुरू हो जाएगी। रजनीश ने कहा कि उसकी बात ऊपर हो गई है। तुम्हारी हाजिरी अमृतसर रेलवे स्टेशन पर लग रही है। घर बैठकर इंतजार करो, जल्द ही ट्रेनिंग लेटर आ जाएगा।
केशव ने बताया कि उसे ट्रेनिंग के लिए डीआरएम आफिस फिरोजपुर में बुलाया गया। वहां पर डीआरएम आफिस में उसे रजनीश, कृष्ण और संजय ने जाने ही नहीं दिया। उसे अमृतसर बुलाने का वादा कर वापस भेज दिया। 11 जून को ट्रेनिंग फीस के नाम पर 12000 रुपये गुगल पे करवाए। इसके बाद तीनों आरोपियों ने यह कहकर दिल्ली बुलाया कि उसकी ग्रुप डी नहीं ग्रुप सी में नौकरी लग गई है।
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर संजय ने उसे फोन किया और द्वारका सेक्टर 21 बुलाया। वहां पर संजय ने एक व्यक्ति से मिलवाया। उसने उसे ग्रुप सी की नौकरी का ज्वाइंनिंग लेटर दिया। उसने कहा कि आपको रजनीश 20 सितंबर से लेकर 30 सितंबर के बीच कभी भी अमृतसर रेलवे स्टेशन पर ज्वाइन करवा देगा। इसके बाद कई बार आरोपी रजनीश व अन्य लोगों से संपर्क किया। किसी ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद मुझे आभास हुआ कि सभी ने मिलकर 8,12000 की ठगी की है। इसके बाद पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई गई।