राजकीय नेशनल महाविद्यालय सिरसा में व्याख्यान और संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया।
सिरसा। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से राजकीय नेशनल महाविद्यालय के सभागार में व्याख्यान और संगीतमय सांस्कृतिक कार्यक्रम किया गया। इसमें अतिथियों ने शास्त्रीय संगीत को देश की संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
पदम विभूषण से अलंकृत कलाकार पंडित सुभाष चंद्र घोष ने अपने वाद्य यंत्र नव स्वर रागिनी की धुन से शास्त्रीय संगीत की प्रस्तुति दी। सुभाष चंद्र घोष ने वीणा के माध्यम से रघुपति राघव राजा राम, चिट्ठी न कोई संदेश, जिंदगी और कुछ भी नहीं-तेरी मेरी कहानी है आदि गीत सुनाए।
जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी संजय बिढलान ने अतिथियों का स्वागत किया। तबला वादक रजनीश धिमान, सुरेश शर्मा और अक्षय कौशल भी मौजूद रहे। इस मौके पर वाइस प्रिंसिपल डाॅ. हरजिंद्र, प्रो. अनुदीप, प्रो. डाॅ. सुनीता सेठी, प्रो. सीमा, प्रो. रमेश सोनी, डाॅ. विनोद कुमार, कर्मवीर कौशिक आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे प्राचार्य डॉ. संदीप गोयल ने इस आयोजन के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री मनोहर लाल का धन्यवाद किया। प्राचार्य ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के काल में केंद्र और प्रदेश सरकार हर विधा और हर क्षेत्र में विभिन्न गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन करवा रही है। इसी कड़ी में आज सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग हरियाणा और जिला प्रशासन ने इस सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस प्रकार के कार्यक्रमों से युवाओं को संगीत के बारे में जानने और सुनने का मौका मिलता है। डाॅ. गोयल ने घोष को शाॅल और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया।