पहले दिन छह अधिवक्ता रहे सांकेतिक अनशन पर
हड़ताल से न्यायिक कार्य प्रभावित, मंगलवार को 1580 मामलों की सुनवाई टली
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नई लीगल एड डिफेंस काउंसिल नीति के विरोध में जिला बार एसोसिएशन ने मंगलवार से सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू की। आंदोलन के पहले दिन अधिवक्ता ए.एस. कौरा, अशोक सहारन, गुरतेज सिंह बराड़, भूपिंदर कौर, भूपिंदर सिंह विनायक और रविंदर मोंगा सुबह से शाम पांच बजे तक भूख हड़ताल पर बैठे।
बार एसोसिएशन ने सरकार से नई नीति पर पुनर्विचार कर मांगें मानने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही। जिला बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष केवल कंबोज ने नई नीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार चुनिंदा वकीलों को डिफेंस काउंसिल के रूप में नियुक्त कर रही है।
इससे युवा अधिवक्ताओं के लिए अवसर सीमित हो जाएंगे। पहले लीगल एड पैनल में रोटेशन प्रणाली लागू थी। इसके तहत हर तीन वर्ष में नए अधिवक्ताओं को अवसर मिलता था।
नई व्यवस्था ने रोटेशन सिस्टम समाप्त कर दिया है। अब केवल चार-पांच वकीलों को चीफ डिफेंस काउंसिल के अधीन वेतन भोगी नियुक्त करने का प्रावधान है।
न्यायिक कार्य प्रभावित
बार एसोसिएशन का कहना है कि यह व्यवस्था समान अवसर के सिद्धांत के विपरीत है। यह युवा वकीलों के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। हड़ताल से न्यायिक कार्य भी प्रभावित हुआ है। पिछले सात दिनों से अदालतों में नियमित सुनवाई बाधित है। मंगलवार को विभिन्न अदालतों में सूचीबद्ध 1580 मामलों की सुनवाई टल गई। इससे अगली तारीखें निर्धारित करनी पड़ीं।