मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने मंत्रिमंडल की बैठक में कालांवाली को उपमंडल का दर्जा देने का प्रस्ताव पारित किया है। अब सिर्फ वहां पर अधिकारियों की नियुक्ति होना बाकी है। इस उपमंडल में डबवाली और सिरसा सर्कल के गांवों को भी शामिल किया गया है, गांवों की संख्या 66 होगी।
कालांवाली उप-तहसील में फिलहाल 38 गांव पड़ते हैं और उपमंडल का दर्जा मिलने पर इसमें डबवाली तहसील के 20 व सिरसा तहसील के आठ गांवों को जोड़ा जाएगा। इस प्रकार कालांवाली उपमंडल मेें कुल 66 गांव होंगे।
जिसमें डबवाली तहसील के कानूनगो ओढां सर्कल के गांव मलिकपुरा, किंगरा, चोरमारखेडा, जंडवाला जटान, सालमखेडा, नुहियांवाली, रामगढ़, घुकांवाली, बनवाला, ओढां, पिपली कानूनगो सर्कल के गांव हस्सू, असीर, माक्खा, खोखर, जगमालवाली, पिपली, टप्पी, पाना, मिठडी, नोरंग व सिरसा तहसील के कानूनगो सर्कल बडागुढ़ा के गांव बडागुढ़ा, रघुआना, बीरूवाला गुढ़ा, झीडी, अलीकां, रंगा, लहंगेवाला व मत्तड़ को शामिल किया गया है। यह रिपोर्ट तहसील कार्यालय द्वारा वर्ष 2014 में सरकार को भेजी थी जब तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कालांवाली को उपमंडल बनाने की घोषणा की थी।
ये गांव हैं कालांवाली उप-तहसील के
कालांवाली कानूनगो सर्कल के गांव चकेरियां, देसू मलकाना, धर्मपुरा, गदराना, जलालआना, कालांवाली, केवल, रामपुरा, सिंघपुरा, तख्तमल, तारूआना, लकडांवाली कानूनगो सर्कल के गांव आन्नदगढ,भादडा, दादू, दोलतपुरखेडा, डोगरांवाली, खतरावां, ख्योवाली, लकडांवाली, रोहिडांवाली, सुबाखेडा, तिलोकेवाला, रोडी कानूनगो सर्कल के गांव भीमा, चक थिराज कलां, चक थिराज खुर्द, देसू खुर्द, कमाल, मलडी, पक्का शहीदां, पजमाला, फग्गु, रोडी, सुरतिया व थिराज शामिल है।
ये होंगे लाभ
क्षेत्र के लोगों को वाहन का रजिस्ट्रेशन करवाने, ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, सहित अन्य कार्यों के लिए डबवाली या सिरसा नहीं जाना पडे़गा। इसके अलावा एसडीएम, डीएसपी के पद यहीं पर होने के कारण लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए भाग दौड़ नहीं करनी पडे़गी। इस सबंध में नायब तहसीलदार राम चंद ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कालांवाली को उपमंडल को दर्जा देने की घोषणा की गई है और कार्यालय द्वारा अधिकारियों को पहले ही रिकॉर्ड भेजा हुआ है। सरकार द्वारा इसे विधिवत रूप से अमलीजामा पहनाने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किया जा रहा है। इसके लिए सबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी जा रही है। इसके इलावा अधिकारियों के कार्यालय के लिए भी अस्थाई तौर पर जगह का चयन किया जा रहा है।