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Sirsa News: नशे ने छीनी सांसें... विरोधस्वरूप गांव गंगा में ग्रामीणों ने मनाया काला दिवस

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एडीसी को ज्ञापन सौंपते ग्रामीण।
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डबवाली। गांव गंगा में एक नवंबर को हरियाणा दिवस पर नशे से हो रही मौतों के विरोध में काला दिवस मनाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने शहीद भगत सिंह की तस्वीर के आगे धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। आसपास के ग्रामीण और किसान संगठनों ने भी यहां पहुंचकर गांव वालों को अपना समर्थन दिया।
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ग्रामीण भादर राम बिश्नोई, गुरुद्वारा प्रधान मानवेंद्र सिंह, पंचायत सदस्य सुरेश सुथार, कमलेश पारीक, पंचायत समिति वाइस चेयरमैन दीपा सिंह, गुरदास सिंह, गोशाला प्रधान गुरजंट सिंह आदि ने कहा कि गांव में एक के बाद एक लगातार नशे से मौत हो रही है। ग्रामीणों ने कहा कि सरेआम चिट्टा और मेडिकल नशा बिक रहा है। इसकी पुलिस और प्रशासन को पूरी जानकारी है। तस्करों के बजाय नशा करने वालों को पकड़ा और छोड़ा जा रहा है। सिस्टम की खामियों के कारण दर्जनों युवाओं की मौत हो चुकी हैं।





बोले- मौतें नहीं रुकी तो अगले साल भी काला दिवस मनाएंगे

सर्व समाज के रोष प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। दोपहर में एडीसी वीरेंद्र सहरावत ने ग्रामीणों के बीच पहुंचकर समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर एडीसी वीरेंद्र सहरावत को ग्रामीणों ने मांग पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने कहा कि अगले एक साल में अगर 12 से ज्यादा मौत होती हैं तो अगला एक नवंबर भी हरियाणा दिवस नहीं काला दिवस मनाया जाएगा।
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ग्रामीणों ने प्रशासन समक्ष रखी ये मांगें

जगदीश थापन, ओमप्रकाश योगी, नरेश राहड़, विशंभर सेठ, कुलविंदर कौर, राजवंत सिंह, डिंपल सिंह, गुरप्रीत बावा रामपुरा, मिट्ठू कंबोज, और मेडिकल व आरएमपी डॉक्टर्स एसोसिएशन ने कहा कि गांव गंगा और उपतहसील गोरीवाला सहित डबवाली और जिले में सिंथेटिक नशा, चिट्टा व मेडिकल नशा रोका जाए। स्कूल वाले बस स्टैंड से शराब ठेका हटाया जाए। पंचायती खंडहर भवनों और झाड़ियां के आसपास बने नशे के अड्डे साफ कर सीसीटीवी कैमरा लगाए जाएं। जिस घर में किसी की नशे से मौत हुई है उस परिवार के बच्चों की पढ़ाई और माता-पिता व पत्नी का गुजारा करने के लिए सरकारी सुविधा प्रदान की जाए।





कानूनी सुधार और सख्ती करें
ग्रामीणाें ने मांग की है कि नशा तस्करों की जमानत नहीं हो इसके लिए कानूनी सुधार और सख्ती करें। जमानत तभी हो जब नशा तस्करी छोड़ने और खुद नशा नहीं करने का डॉक्टर व मनोविशेषज्ञ से प्रमाण पत्र जारी हो। नशा तस्करों के खिलाफ केस लड़ रहे हैं उन्हें सरकारी वकील और सुरक्षा दी जाए। नशे के खिलाफ मुहिम चलाने वाले किसी व्यक्ति पर नशा तस्कर पुलिस प्रशासन या अधिकारी और अन्य कोई दबाव और परेशानी होती है तो उन आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए स्पेशल टास्क फोर्स इलाके में तैनात की जाए। प्रत्येक चौकी थाने में एनडीपीएस और मेडिकल नशा रोकने के लिए स्पेशल स्टाफ नियुक्त हो।
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