समाजसेवी संस्था दिव्या युवा मंच की ओर से आयोजित तीन दिवसीय इंटरनेशनल यूथ डेवलेपमेंट कॉन्क्लेव संपन्न हो गया। इंटरनेशनल यूथ कमेटी के प्रमुख सहयोग से आयोजित इस कॉन्क्लेव में भारत, नेपाल, बांगलादेश, श्रीलंका, मालदीव, म्यांमार, अफगानिस्तान, उज्बेकिस्तान, जिम्बाब्वे, कीनिया, अंगोला, सूडान, सेनेगल, मॉरीशस, मालावी सहित दुनिया के करीब 20 देशों के एक सौ से अधिक समाजसेवी युवाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन शहर के एक निजी होटल किया गया। जिसमें अफ्रीकी देश मालावी के भारत में राजदूत जॉर्ज मकॉन्डीवा मुख्यातिथि थे। विशेष अतिथि के रूप में हरियाणा पर्यटन निगम के चेयरमैन जगदीश चोपड़ा व हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन पवन बेनीवाल उपस्थित हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान के साथ सिरसा की बेटी चाहत गोयल की गणेश-सरस्वती वंदना नृत्य के साथ हुआ। मंच संचालन दूरदर्शन बिहार की टीवी एंकर स्मिता गुप्ता ने किया। कोलकाता से विशेष रूप से पधारी कत्थक नृत्यांगना सायानी चावड़ा ने अपनी बेहतरीन भाव भंगिमाओं से नृत्य प्रस्तुत कर समां बांधा और देश-विदेश के प्रतिभागियों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
दुनिया की सबसे छोटी पर्यावरण प्रहरी लिसीप्रिया कांगजुम ने धरती को बचाने की अपील की। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सभी प्रतिभागी नगर भ्रमण पर निकले। उन्होंने सबसे पहले रानियां रोड पर स्थित तारा बाबा की कुटिया का रुख किया। जहां उन्होंने विभिन्न देवी-देवताओं के दर्शन किए।
वहीं कुटिया में बनी गुफा में रोमांच का अनुभव किया। यहां से निकलकर प्रतिभागियों का काफिला ऐलनाबाद खंड के गांव पोहड़का पहुंचा। सभी प्रतिभागियों को गांव के गुरुद्वारा साहिब में सिरोपा भेंटकर सम्मानित किया गया। डेरा सच्चा सौदा के बुलावे पर देशी-विदेशी मेहमानों का यह दल देर शाम डेरा पहुंचा।
सभी मेहमानों को डेरा परिसर में बने कई प्रमुख स्थानों का दौरा करवाया गया। अगले दिन सभी देशों के प्रतिभागी चौ. देवीलाल विश्वविद्यालय पहुंचे जहां सेमीनार हॉल में उन्होंने अपने-अपने विषयों पर विचार रखे। सभी ने संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रदत्त 17 लक्ष्यों की प्राप्ति में युवाओं के योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
इस सत्र में यूनेस्को के भारत में पूर्व डायरेक्टर डॉ. रामभूज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित हुए। हरियाणा सरकार में सुशासन सहयोगी व्यवस्था के स्टेट कॉर्डिनेटर सुमित चौधरी, सुशासन सहयोगी हिमांशु गुप्ता, सुशासन सहयोगी ज्ञानेंद्र मिश्रा व इंटरनेशनल यूथ कमेटी के अध्यक्ष जयंत पात्रा ने युवाओं की भूमिका पर चर्चा की।
कार्यक्रम का संचालन इंटरनेशनल वॉलंटरी नेटवर्क के मनोज दास ने किया। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान म्यांमार की प्रतिभागी म्यात हतू सान को सर्वश्रेष्ठ डेलीगेट और भारत के तुषार पारीक को सर्वश्रेष्ठ वॉलेंटियर का पुरस्कार दिया गया।
दिव्या युवा मंच के अध्यक्ष सुभाष चौहान ने श्रीलंका की मनूषा को भारत-श्रीलंका मैत्री पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर दिव्यांग कलाकार अपूर्व ओम, सत्यप्रिय, सुनील कविराज, सुब्रो रॉय, पंकज डेका, राजकुमार कटेल नेपाल, सूरज गायकवाड़, केशव सैनी, बृज श्रीवास्तव, बाबू अंसारी, गणेश चांवरिया, ईश कुमार मेहता, इंजी. सुष्मिता कुमारी, सचिन मोयल व दिनेश चौहान उपस्थित थे।