संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। हरियाणा सरकार की ओर से इंजेक्शन से नशा लेने वाले मरीजों को एड्स व टीबी से बचाने के लिए ओएसटी सेंटर आरंभ किया गया है। नागरिक अस्पताल में खुले ओएसटी सेंटर में 320 मरीजों का इलाज चल रहा है। दो वर्षों के दौरान नशे की ओवरडोज लेने के कारण अब तक 35 मरीजों की मौत भी हो चुकी है। वहीं, अब तक 223 मरीजों का इलाज पूरा भी हो चुका है। जिले में नशे के शिकार पीड़ितों की संख्या अब लगातार बढ़ती जा रही है।
हरियाणा सरकार की ओर से करीब चार वर्ष पहले ओएसटी सेंटर शुरू किया गया था। सेंटर में अब तक 898 मरीजों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। सेंटर के 543 मरीज सक्रिय हैं। जबकि 320 मरीजों को हर रोज सेंटर पर बुलाकर उन्हें कर्मचारियों की देखरेख में दवाई खिलाई जाती है।
60 फीसदी मरीज 20 से 40 वर्ष के, करते थे सीरिंज से नशा
नशा पीड़ितों को नशे की लत से निकालने के लिए सेंटर की ओर से उनकी काउंसिलिंग कर इलाज किया जाता है। इलाज के दौरान उनकी दवाई की डोज धीरे-धीरे कम कर दी जाती है, ताकि वह नशे की लत छोड़कर सामान्य हो सके। सेंटर में 60 फीसदी मरीजों की आयु 20 से 40 वर्ष की है। हालांकि इनमें कई नाबालिग भी हैं।
35 मरीजों की को चुकी है अब तक मौत
नशे की लत से युवाओं को निकालने के लिए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से नशा मुक्ति केंद्र और ओएसटी सेंटर शुरू किया गया है। ऐसे में मरीजों को धीरे-धीरे लत से बाहर निकाला जाता है। वहीं, सेंटर के रिकार्ड में अब तक 35 मरीजों की नशे की ओवरडोज लेने से मौत भी हो चुकी है। इन सभी मरीजों का इलाज सेंटर में चल रहा था।
मरीजों को चुरा बनाकर दी जाती है अब दवाई
ओएसटी (ओपिऑयड सब्सस्टीट्यूशन थेरेपी) सेंटर में पहुंचने वाले मरीजों को पहले गोलियां खिलाई जाती थी। लेकिन कई मरीज दवाई का इस्तेमाल नशे के अनुसार करने लगे। जिसके बाद अब अधिकारियों की ओर से गोली का चुरा बनाकर मरीजों को दी जा रही है, ताकि वह किसी भी तरह इसका गलत तरीके से इस्तेेमाल न कर सके।
वर्जन
ओएसटी सेंटर में सीरिंज से नशा करने वाले मरीजों को एचआईवी व अन्य रोगों से बचाने के लिए उनका इलाज किया जा रहा है। सेंटर में अब तक 898 मरीजों का इलाज चल रहा है। सेंटर की सहायता से अब तक 223 मरीज स्वस्थ हो चुके है।
-डॉ. संयम, इंचार्ज, ओएसटी सेंटर सिरसा।