सिरसा। सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाकर यातायात पुलिस बच्चों और लोगों को यातायात नियमों का पालन करने का संदेश देती है जबकि जब यही ज्ञान यातायात पुलिस पर लागू होता है तो नियम पूरे नहीं हो पाते। शहर के मुख्य चौराहों पर नियम पूरे होते नहीं दिखाई देते। कहीं जेब्रा क्रॉसिंग की पट्टी नहीं है तो कहीं दिशा सूचक ही गायब हैं। ऊंचे गति अवरोधक और खुले मैनहोल हादसों को न्योता दे रहे हैं।
सड़क सुरक्षा की बात करने वाला यातायात विभाग धरातल पर इन सुरक्षा सूचकों को लगाना भूल जाता है। शहर के कई मुख्य चौक इसकी गवाही देते नजर आते हैं। डबवाली रोड पर बने अस्पतालों के पास कोई संकेतक नहीं लगाए गए हैं। मिनी बाईपास पर पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के आवास के पास संचालित शहर के प्रतिष्ठित निजी स्कूल का संकेतक भी नहीं लगा है। बरनाला रोड पर बने जेसीडी कॉलेज और निजी स्कूल के पास भी संकेतक दिखाई नहीं देते।
उपायुक्त आवास के पास बने चौक पर नजर नहीं आते यातायात नियम
उपायुक्त शांतनु शर्मा के आवास के कुछ दूरी पर बने भूमण शाह चौक पर ट्रैफिक लाइट या सफेद पट्टी तक नहीं है। इससे कुछ दूरी पर पुलिस लाइन चौक है। वहां भी यातायात नियम अधूरे दिखते हैं। वहां से 20 मीटर की दूरी पर बने सदर थाने के सामने भी सफेद पट्टी या अन्य कोई यातायात संकेतक बोर्ड नहीं लगे हैं। आलम यह है कि यातायात पुलिस थाने से पांच मीटर की दूरी पर रेलवे फाटक है। इस फाटक का साइन बोर्ड भी थाने के आसपास नहीं लगा है। ऐसे में शहर में दिशा सूचक बोर्ड खोजना मुश्किल है।
ऐसी मिली हालत
- भूमण शाह चौक : न ट्रैफिक लाइट, न यातायात दिशा सूचक बोर्ड
- बस स्टैंड चौक : कोई दिशा सूचक बोर्ड नहीं।
- बरनाला रोड सूरजमल चौक : कोई दिशा सूचक नहीं।
- महाराणा प्रताप चौक पर भी कोई दिशा सूचक नहीं है।
- सांगवान चौक : ट्रैफिक लाइट बंद। दिशा सूचक भी नहीं।
- शहर के मुख्य आंबेडकर चौक पर भी कोई दिशा सूचक नहीं है।
विधायक के आवास के सामने बने गति अवरोधक
डबवाली रोड पर विधायक के आवास के सामने पहले गति अवरोधक बना था। अब दोनों ओर हाईवे पर दो-दो गति अवरोधक बना दिए गए हैं। रात में धुंध के समय अचानक वाहन रोकने पर यह हादसों का कारण बनते हैं। मिनी बाईपास पर भी दो-तीन गति अवरोधक बनाए गए हैं।
महाराजा पैलेस के पास डबवाली रोड पर नहीं है साइन बोर्ड।