सिरसा। विजिलेंस टीम ने होमगार्ड लगवाने के नाम पर 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए होमगार्ड कार्यालय के कर्मचारी को गिरफ्तार किया। कर्मचारी ने अपने उच्चाधिकारी को भी पैसा बांटने की बात कही। इस मामले में विजिलेंस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता सिरसा निवासी कुलविंद्र सिंह ने बताया कि वह वर्ष 2013 में होमगार्ड में जवान भर्ती हुआ था। 9 माह बाद वह निजी कारणों से रिलीव हो गया था। एक साल पहले उसने दोबारा होमगार्ड पद पर नियुक्त होेने के लिए होमगार्ड कार्यालय में संपर्क किया। यहां उसकी मुलाकात होमगार्ड कर्मचारी रवि प्रसाद से हुई। रवि प्रसाद ने कहा कि दोबारा ज्वाइनिंग के लिए 70 हजार रुपये का खर्च आएगा। कुलविंद्र ने बताया कि उसने रवि प्रसाद को नवंबर 2023 से लेकर 30 अप्रैल 2024 तक 60 हजार रुपये दे चुका है। 10 हजार रुपये ही बकाया था।
कुलविंद्र ने बताया कि उसने इस मामले की सिरसा विजिलेंस को शिकायत दी थी। उसके बाद उसने चंडीगढ़ विजिलेंस को टोल फ्री नंबर पर संपर्क साधा। जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने इस मामले में कार्रवाई शुरू की। कुलविंद्र को विजिलेंस की टीम ने रवि प्रसाद को बुलाकर बकाया राशि उसे देने को कहां। कुलविंद्र ने रवि प्रसाद को फोन कर बकाया पैसा देने की बात कहीं। पहले रवि प्रसाद ने कुलविंद्र को सिरसा बस स्टैंड पर बुलाया। जब वह वहां गया तो उसके पास रवि प्रसाद को फोन आया कि वह हिसार रोड पर प्रीतम पैलेस के पास आ जाएगा। जब कुलविंद्र रवि प्रसाद को पैसे देने के लिए प्रीतम पैलेस मार्केट के पहुंचा तो विजिलेंस की टीम ने पैसे लेते हुए रवि प्रसाद को मौके पर काबू कर लिया। पुलिस ने रवि प्रसाद के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएसपी शरीफ सिंह ने बताया कि टोल फ्री नंबर पर कुलविंद्र ने संपर्क किया था। जिसके बाद टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा है। इस मामले में आरोपी ने अपने एक उच्चाधिकारी का नाम लिया है। जो होमगार्ड लगवाने के नाम पर उसके साथ मिलकर लोगों से पैसा लेता था। इस मामले में जांच की जाएगी।