कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी सतर्कता बरतते हुए मरीजों के लिए अस्पताल में ही सेनिटाइज करने तथा हाथ धोने के बारे में जानकारी दे रहा है। विभाग ने 31 मार्च तक अस्पताल में होने वाले सभी ऑपरेशन तथा अधिकतर बीमारियों की ओपीडी बंद कर दी है। वायरस को लेकर जिला की जेल में बंद कैदियों के सैंपल जांच के लिए लैब में भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने आपात स्थितियों से निपटने के लिए सेवानिवृत्त डॉक्टरों को भी अलर्ट कर दिया है। विभाग अभी भी विदेश से आए करीब 92 लोगों पर अपनी निगरानी बनाए हुए हैं। जबकि तीन लोगों को विभाग अभी भी ट्रेस नहीं कर पाया है।
देश में फैलते फ्लू तथा कोरोना वायरस को लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग तथा प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में होने वाले सभी ऑपरेशन को रोक दिया है। अब सिविल अस्पताल में केवल आपातकाल की स्थिति में ही कोई ऑपरेशन किया जाएगा। जबकि विभाग हड्डियों, आंखों तथा अन्य ऑपरेशन 31 मार्च के बाद ही करेगा। विभाग द्वारा केवल जनाना वार्ड में गर्भवती महिलाओं के ही ऑपरेशन किए जाएंगे। विभाग के अधिकारियों ने एक नोटिस जारी कर डॉक्टरों को बताया कि जिन मरीजों को ज्यादा दिक्कत नहीं है उन्हें एक महीने तक की दवाई दी जाए, जिससे अस्पताल में मरीजों को दोबारा न आना पड़े। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में शूगर, बीपी तथा मिर्गी के रोगियों को एक महीने तक की दवाई दे दी हैं। जिससे मरीजों को अब अस्पताल में आने की जरूरत नहीं है।
जेल के कैदियों की हो रही जांच
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने वीरवार सुबह सिरसा की जेल में बंद सभी कैदियों के सैंपल लिए और लैब में भेजे हैं। जेल अधीक्षक शेर सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी थी कि जेल में बंद कैदियों की भी जांच की जाए। जिस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम जेल में पहुंची और सभी महिला तथा पुरुष कैदियों के सैंपल लेकर लैब में भिजवा दिए हैं।
विभाग केवल 132 लोगों को ही कर पाया है ट्रेस
स्वास्थ्य विभाग को जानकारी मिली थी कि जिले में करीब 135 लोग विदेश से सिरसा में आए हैं। विभाग ने जिले में विदेश से आए लोगों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी थी। जिस पर विभाग केवल 132 लोगों को ही ट्रेस किया गया। जबकि तीन लोगों से विभाग ने केवल फोन पर ही संपर्क स्थापित किया। जो प्रदेश से बाहर चले गए थे। विदेश आए लोगों को स्वास्थ्य विभाग ने अपनी निगरानी में रखा था, जिसमें 40 लोगों के 28 दिन पूरे हो गए हैं, वहीं 92 लोग अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में है। स्वास्थ्य विभाग सभी लोगों से सुबह शाम फोन कर पूछताछ कर रहा है।
अलर्ट पर स्वास्थ्य विभाग
सिविल अस्पताल के सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि देश में एपिडेक्ट एक्ट लगने के कारण किसी भी सेवानिवृत्त डॉक्टर अथवा निजी अस्पताल आदि की सेवाएं ली जा सकती है। इसमें आईएमए के डॉक्टरों को भी सतर्क कर दिया गया है। सिविल अस्पताल के सुपरवाइजर को आदेश दिए गए हैं कि सिविल अस्पताल में पर्ची तथा दवाइयों के लिए लंबी लाइनें नहीं लगनी चाहिए। वहीं लाइन में लगने वाले मरीजों में करीब एक-एक मीटर की दूरी होनी अनिवार्य कर दी है। सुपरवाइजर को हिदायत भी दी गई है कि वह लोगों को सेनिटाइजर अथवा साबुन से हाथ साफ करवाए।
सभी विभागों को करना होगा सेनिटाजर का प्रबंध
सीएमओ डॉ. सुरेंद्र नैन ने बताया कि मुख्यालय द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। जिसके अनुसार सभी विभागों को अपने स्तर पर ही सेनिटाइजर तथा मास्क का इंतजाम करना होगा। स्वास्थ्य विभाग किसी भी विभाग को मास्क तथा सेनिटाइजर उपलब्ध नहीं करवाएगा।
महिला की रिपोर्ट आई नेगेटिव
बीते बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने एक महिला का सैंपल लैब में जांच के लिए भेजा था, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जिले से अभी सात मरीजों के सैंपल लैब में भेजे जा चुके हैं, जिनकी सभी की रिपोर्ट नेगेटिव आई है।
अस्पताल में ऑपरेशन पर रोक लगा दी है। केवल आपातकाल में ही ऑपरेशन किए जाएंगे। वहीं अधिकतर मरीजों को एक माह की दवाई दे दी गई है, जिससे उन्हें परेशानी नहीं होगी। बुधवार को भेजे गए सैंपल की रिपोर्ट भी नेगेटिव आई है।
-डॉ. सुरेंद्र नैन, सीएमओ सिविल अस्पताल सिरसा।