मई माह में पड़ रही भीषण गर्मी ने जिले में पिछले कई साल का रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। अधिकतम तापमान 48 डिग्री को भी पार कर चुका है। ऐसे में गर्मी से जहां हर कोई हलकान है, ऐसे में इसका असर आवागमन पर भी पड़ा है। गर्मी के चलते कई ट्रेनों का शेड्यूल बिगड़ गया है। गर्मी का असर लंबी दूरी से लेकर दैनिक चलने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा है। ट्रेनें आधा से लेकर कई घंटों की देरी से चल रही हैं।
बता दें कि सिरसा रेलवे स्टेशन से कई साप्ताहिक से लेकर दैनिक ट्रेनें भी गुजरती हैं। इनमें मुख्य रूप से साप्ताहिक ट्रेन त्रिपुरा के अगरतला से चलकर पंजाब के फिरोजपुर जाने वाली ट्रेन त्रिपुरा सुंदरी, भटिंडा से चलकर पुरानी दिल्ली, सिरसा से चलकर तिलकब्रिज जाने वाली, गोरखपुर से चलकर भटिंडा जाने वाली ट्रेन सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
गर्मी से पटरी रही फैल, आ रहे क्रैक
सिरसा में जहां तापमान 48 डिग्री पार है, वहीं अन्य जिलों में यह 45-46 से कम नहीं है। ऐसे में इसका असर सीधे तौर पर पटरी पर पड़ रहा है। रविवार को गर्मी के चलते चरखी दादरी जिले के पातुवास महराणा के पास पटरी क्रैक हो गई। जिसके कारण हिसार लाइन पर ट्रेनों का आवागमन बाधित हो गया। मेरठ-श्रीगंगानगर ट्रेन करीब पौने तीन घंटे की देरी से सिरसा पहुंची। इस ट्रेन के लेट होने के कारण अन्य ट्रेनों पर इसका प्रभाव पड़ा। पुरानी दिल्ली से चलकर भटिंडा जाने वाली किसान एक्सप्रेस एक घंटे, फाज्लिका रेवाड़ी करीब आधा घंटा लेट हो गई।
सोमवार को भी कई ट्रेनें रहीं लेट
लंबी दूरी की ट्रेन गोरखधाम सुपरफास्ट (12555) सोमवार को सिरसा में अपने निर्धारित समय सुबह 10.40 करीब 46 मिनट की देरी से पहुंची और करीब 7 मिनट के ठहराव के बाद भटिंडा के लिए रवाना हुई। जयपुर से चलकर भटिंडा जाने वाली (14734) ट्रेन सिरसा अपने निर्धारित समय दोपहर 3.50 से करीब 15 मिनट की देरी से पहुंची। यहां पर करीब 5 मिनट ठहराव के बाद भटिंडा के लिए रवाना हुई। इसी तरह मेरठ से चलकर श्रीगंगानगर जाने वाली (14030) ट्रेन अपने निर्धारित समय अपराह्न 4.05 बजे की जगह करीब 2 घंटे की देरी से सिरसा पहुंची। यहां पर करीब 10 मिनट ठहराव के बाद यह श्रीगंगानगर के लिए रवाना हुई। इसी तरह किसान एक्सप्रेस (14731) सिरसा में शाम 7.30 बजे की जगह करीब 40 मिनट की देरी से पहुंची। इसी तरह पंजाब के फिरोजपुर कैंट से चलकर अगरतला जाने वाली त्रिपुरा साप्ताहिक ट्रेन (14620) शाम 7 बजे खबर लिखे जाने के समय तक फिरोजपुर कैंट से ही नहीं चली थी। इसके सिरसा पहुंचने का समय शाम 4.50 बजे का है।
एक्सपर्ट व्यू : क्यो हो रहीं पटरी क्रैक
भीषण गर्मी के समय लोहे से बनी पटरियां भारी-भरकम ट्रेनों के भार से फैलने लगती हैं जबकि सर्दियों में ये सिकुड़ जाती हैं और ऐसा इसलिए क्योंकि यह लोहे का सामान्य व्यवहार होता है। गर्मी में जब ये पटरियां ट्रेन के वजन से फैल जाती है और इन पर जोर पड़ने से इनमें क्रैक आ जाता है। ऐसे में इनको क्रैक होने से रोकने के लिए कुछ दूरी के बाद इनमें गैप छोड़ना जरूरी हो जाता है।