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Sirsa News: प्राथमिक शिक्षा के लिए इस बार अभिभावक भी देंगे बच्चों को निपुण करने में सहयोग

Mon, 27 May 2024 04:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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सिरसा। 1 जून से 30 जून तक होने वाले ग्रीष्मकालीन अवकाश को लेकर निपुण कार्यक्रम और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या के चलते इस बार बाल वाटिका, कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों के मासिक गृह कार्य के साथ-साथ इसमें बदलाव किया गया है। इस बार बच्चों को गृह कार्य के अलावा प्रश्नपत्र भी दिए जाएंगे और परिवार के सदस्य मेंटर बनकर उनकी परीक्षा भी लेंगे।
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प्रदेश में 1 से 30 जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश आरंभ होने वाले हैं। प्राथमिक स्तर पर पढ़ने वाले बच्चों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से लगातार उनके शैक्षणिक स्तर को निपुण करने के लिए कार्य किया जा रहा है। शैक्षणिक स्तर के दौरान बाल वाटिका से लेकर कक्षा पहली से पांचवीं तक के बच्चों को इस बार पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। इस बार बच्चों को अपने गृह कार्य के साथ-साथ घर में ही टेस्ट देना होगा। यह टेस्ट कोई नहीं बल्कि उनके परिजन ही लेंगे। इस संबंध में हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने राज्य के जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, बीईओ व स्कूल मुखिया प्रभारी के नाम पत्र जारी भी कर दिया है।

बड़े सदस्य मेंटर की भूमिका होगी
इस गृह कार्य को बच्चों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर किया जाना है, साथ ही उनको टेस्ट भी देना होगा। जिसमें नाना-नानी, दादा-दादी एवं बड़े सदस्य मेंटर की भूमिका में शामिल रहेंगे। परिवार के बड़े सदस्य अपने अनुभवों की भूमिका साथ नई पीढ़ी को सामान्य ज्ञान के साथ संस्कार, मार्गदर्शन, दक्षता, व्यवहार कुशलता प्रदान करेंगे। यह सभी गतिविधियां विद्यार्थियों को पढ़ने लिखने, गणना व अन्य सभी प्रकार की सामान्य ज्ञान की जानकारी देने में काम करेगी। बाकायदा बालवाटिका से लेकर पहली कक्षा से पांचवीं तक के बच्चों के लिए शिक्षा विभाग प्रश्नपत्र भी देगा। साथ ही विभाग ने इसके लिए 30 व 31 मई को पीटीएम (पेरेंट्स-टीचर मीटिंग) भी बुलाई है, ताकि वह यह कार्य अच्छे तरीके से बच्चों को करवा सकें।
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हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद ने एक से 30 जून तक होने वाले ग्रीष्म अवकाश में निपुण कार्यक्रम तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या एनसीएफ की अनुपालना में गृह कार्य में बदलाव किया है। इस बार गृहकार्य विभिन्न गतिविधियों के आधार पर दिया है। जिसे विद्यार्थियों को अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर पूरा करना होगा। वहीं इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि इन गतिविधियों पर कोई भी पैसा खर्च ना हो। -बुधराम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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