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Sirsa News: स्वास्थ्य सेवाएं बीमार, विशेषज्ञों के 17 पद खाली, 10 लंबे समय से छुट्टी पर

Thu, 28 Nov 2024 10:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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नागरिक​ अस्पताल में पर्ची कटवाने के लिए लगी मरीजों की लाइन 
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सिरसा। जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों का इस समय काफी टोटा है। इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। प्रतिदिन 200 के करीब मरीजों को निजी अस्पताल में जेब ढीली करनी पड़ रही है। अस्पताल में चिकित्सकों के 55 पद हैं। इनमें से 17 खाली पड़े हैं, जबकि बचे 38 में से भी 10 चिकित्सक ऐसे हैं जो पीजी करने के लिए लंबे समय से छुट्टी पर चल रहे हैं।
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नागरिक अस्पताल में रोजाना ओपीडी 1000 से 1200 के करीब होती है। अगर विशेषज्ञों की बात करें तो अस्पताल में ऑर्थोपेडिक, जनरल सर्जन, जनरल फिजिशियन, न्यूरो सर्जन, न्यूरो फिजिशियन, डर्मेटोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, ऑडियोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, फिजियोथेरेपिस्ट व चमड़ी रोग विशेषज्ञ नहीं हैं। ऐसे में हृदय व त्वचा रोग से पीड़ित लोगों को फिजिशियन से चेकअप करवाकर दवा लेनी पड़ रही है। इसके अलावा काफी मरीजों को तो निजी अस्पताल की ओर रुख करना पड़ता है।
सबसे बड़ी दिक्कत हादसा या फिर कोई बड़ी घटना होने पर आती है। गंभीर घायल मरीजों को न्यूरो सर्जन या जनरल सर्जन न होने के चलते मेडिकल कॉलेज अग्रोहा या बठिंडा रेफर करना पड़ता है। ऐसे में रास्ते में नौबत मरीज के जान तक पर बन आती है। कई केसों में तो मरीज की हालत ज्यादा नाजुक होने पर परिजनों उन्हें निजी अस्पतालों में ले जाते हैं, जो उनकी जेब पर भारी पड़ता है। अगर कोई मरीज सक्षम नहीं है तो फिर उसकी जान रामभरोसे ही होती है।
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निजी अस्पताल में 200 से 300 रुपये में कटती है पर्ची
नागरिक अस्पताल में ओपीडी के लिए मरीज को मात्र पांच रुपये की पर्ची कटवाने पड़ती है, जबकि निजी अस्पताल में पर्ची के लिए मरीज को 200 से लेकर 300 रुपये देने पड़ते हैं। इस से आर्थिक तौर पर गरीब मरीजों की जेब पर भार बढ़ता है।
मरीजों ने बयां किया दर्द
गांव मीरपुर से नागरिक अस्पताल में आए विरेंद्र कुमार ने बताया कि चर्म रोग होने के कारण दवा लेने के लिए हैं। पता चला कि नागरिक अस्पताल में चर्म रोग का चिकित्सक की नहीं है। अब निजी अस्पताल में दवा लेने के लिए जा रहे हैं। वहां से लिखी दवा भी काफी महंगी पड़ेगी।
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गावं अहमदपुर से संदीप कुमार ने बताया कि खेती में उपयोग होने वाले कीटनाशक के कारण हाथों और बाजू पर खारिश और दाने हो गए हैं। इलाज के लिए नागरिक अस्पताल में आया हूं। चिकित्सक न होने के कारण बिना इलाज के ही लौट रहा हूं। अब निजी अस्पताल में चिकित्सक को दिखाएंगे।
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नागरिक अस्पताल में दवा लेने के लिए आई कल्लो देवी ने बताया कि हृदय रोग की दवा लेने के लिए आए हैं। यहां पता चला के चिकित्सक नहीं है तो निजी अस्पताल में दवा लेने के लिए जा रहे हैं। यहां पर मरीजों को बेहतर उपचार मिल ही नहीं रहा है।



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नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के करीब 17 खाली पड़े हैं। 10 चिकित्सक ऐसे हैं जो पीजी करने के लिए लंबे समय से छुट्टी पर चल रहे हैं। अस्पताल में चिकित्सकों की कमी को पूरा करने के लिए मुख्यालय से पत्राचार किया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही नागरिक अस्पताल में इन विशेषज्ञों की नियुक्ति हो जाएगी।
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- डॉ. पवन कुमार, पीएमओ नागरिक अस्पताल, सिरसा।
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