डेंगू बुखार दिल्ली से ट्रेन में सफर कर डबवाली जा पहुंचा। दरअसल हुआ यूं कि कोर्ट कांप्लेक्स में रह रहे मां-बेटे को डेंगू की पुष्टि हुई है। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन्हें घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी है। विभाग का कहना है कि पीड़ित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। वहां से डबवाली तक ट्रेन में आते-आते उन्हें मार्ग में डेंगू मच्छर ने काटा है।
उत्तर प्रदेश निवासी अर्चना (33) अपने आठ वर्षीय बेटे मोहित के साथ डबवाली स्थित कोर्ट कांप्लेक्स में रह रहे अपने भाई सागर शर्मा के घर पहुंची थी। 23 अगस्त को दोनों को तेज बुखार हुआ। उपचार के लिए उन्हें एक निजी अस्पताल में ले जाया गया। चिकित्सक की सलाह पर दोनों ने एक निजी लैब से डेंगू टेस्ट करवाया।
रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर 28 अगस्त को सागर शर्मा ने इसकी जानकारी सिविल अस्पताल में दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपरोक्त दोनों के सैंपल लेकर जांच के लिए सिरसा स्थित प्रयोगशाला में भेजा। 48 घंटों बाद 31 अगस्त को रिपोर्ट आई कि दोनों डेंगू पॉजिटिव हैं। स्वास्थ्य विभाग ने मां-बेटा को घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी। परिवार के अन्य सदस्यों को डेंगू से बचाने के लिए दोनों को मच्छरदानी में सोने की सलाह दी।
परिवार और कॉलोनी में कराई सैंपलिंग
इसके बाद विभाग ने परिवार तथा कॉलोनी में रह रहे अन्य परिवारों के सैंपल लेकर जांच करवाई, अन्य कोई भी डेंगू पॉजिटिव नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग ने हिस्ट्री जुटाई। विभाग के अनुसार मां-बेटे ट्रेन के जरिए एनसीआर से होते हुए वे डबवाली पहुंचे थे। ट्रेन के जरिए एनसीआर को क्रॉस करने में ढाई से तीन घंटे लगते हैं। ऐसे में ट्रेन में ही मच्छर के काटने से दोनों को डेंगू हुआ। सागर शर्मा ने बताया कि वह अपनी बहन तथा भानजे को लेने के लिए गया था। ट्रेन में काफी मच्छर थे।
डेंगू पॉजीटिव मिले दोनों केस बाहर के हैं। ट्रेन में सफर करते हुए उनको मच्छर से काटा है। दोनों डबवाली में रह रहे हैं। कॉलोनी का सर्वे करवाया गया था, किसी अन्य को डेंगू नहीं है। शहर में फोगिंग करवाने के लिए नगर परिषद को लिखा गया है।
-एमके भादू, एसएमओ, डबवाली