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मुख्यालय की लापरवाही विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ रही है भारी

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कक्षा ना लगने को लेकर ज्ञापन सौंपने के लिए रवाना होते विद्यार्थी। - फोटो : Sirsa
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सिरसा। सरकार ने जिले में विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा देने के लिए कॉलेज तो खोले लेकिन कई साल बीत जाने के बाद भी उनमें पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति करना भूल गई है। कोरोना काल के बाद खुले कॉलेजों में कक्षाएं लगाने पहुंच रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए परेशान होना पढ़ रहा है। कॉलेज में पर्याप्त स्टाफ न होने के चलते विद्यार्थी बिना कक्षा लगाएं ही घरों को लौट रहे हैं। स्थिति यह है कि गोरीवाला व डिंग के महाविद्यालयों में प्राचार्य व लेक्चरर है ही नहीं। परीक्षाओं का समय नजदीक आ रहा है लेकिन विद्यार्थियों का पाठ्यक्रम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। सोमवार को डिंग कॉलेज के विद्यार्थियों ने हलोपा विधायक गोपाल कांडा के पास लेक्चरर भर्ती की मांग को लेकर पहुंचे।
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जिले के 8 राजकीय कॉलेजों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है। जिसके चलते नियुक्त लेक्चरर पर अतिरिक्त बोझ तो पढ़ ही रहा है साथ ही विद्यार्थियों को पर्याप्त समय व लेक्चरर नहीं मिल पाते। जिसके कारण विद्यार्थियों की उन विषयों में पकड़ नहीं बना पा रही है। उच्चतर शिक्षा विभाग दाखिले के समय अनेकों माध्यम से प्रचार करता है ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी राजकीय कॉलेजों में दाखिला लें। लेकिन जब बात लेक्चरर की नियुक्ति की आती है तो वह मौन धारण कर बैठ जाता है। प्राचार्य द्वारा पत्राचार कर उन्हें बार बार सूचित किया जा रहा है लेकिन उच्चतर शिक्षा विभाग कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। जिसका खामियाजा विद्यार्थी अपनी पढ़ाई का नुकसान कर भर रहे हैं। अब विद्यार्थियों को उम्मीद है कि क्षेत्र में सरकार नुमाइंदे विद्यार्थियों के लिए विधानसभा में आवाज उठा कर उनकी समस्या का समाधान करें।
प्राचार्य का एडिशनल चार्ज व लेक्चरर कोई नहीं
- महाविद्यालय गोरीवाला में करीब 120 विद्यार्थी बीए-बीकॉम की शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए सिरसा के राजकीय कॉलेज से डेपूटेशन पर लेक्चरर जाते हैं। साथ ही प्राचार्य का अतिरिक्त चार्ज नेशनल कॉलेज के प्राचार्य संदीप गोयल के पास है। कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए 17 परमानेंट स्टाफ अलॉट है जबकि नियुक्ति एक की भी नहीं हुई।
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- महाविद्यालय डिंग में करीब 350 विद्यार्थियों के दाखिले हैं। यहां पर भी विद्यार्थी बीए-बीकॉम की शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। प्राचार्य का एडिशनल चार्ज महिला महाविद्यालय सिरसा के प्राचार्य रामकुमार जांगड़ा के पास है। लेक्चरर के 17 पद स्वीकृत है। लेकिन नियुक्ति एक की भी नहीं है। सिरसा के दोनों राजकीय कॉलेज से प्रतिदिन एक-एक अध्यापक वहां पढ़ाने जाता है।
- राजकीय कन्या महाविद्यालय कालांवाली में 12 पद लेक्चरर के स्वीकृत हैं और प्राचार्य का पद का एडिशनल चार्ज कॉलेज के ही लेक्चरर के पास है। बीए-बीकॉम के 385 विद्यार्थियों को 4 अध्यापक पढ़ा रहे हैं जिसमें से एक लेक्चरर एक्सटेंशन पर है।
कॉलेजों के नाम, विद्यार्थियों की संख्या, स्वीकृत पद, अप्वांइट, एक्सटेंशन लेक्चरर, वर्क लोड
-- राजकीय नेशनल कॉलेज सिरसा, करीब 6000, 127, 56, 55, 180
-- राजकीय महिला महाविद्यालय सिरसा, करीब 1775, 23, 15, 9, 56
-- भीम राव आंबेडकर कॉलेज डबवाली, 1000, 25, 15, 9, 0
-- राजकीय महाविद्यालय डिंग, 350, 17, 0, 0,--
-- राजकीय महाविद्यालय गोरीवाला, 120, 17,0,0,--
-- राजकीय महिला महाविद्यालय रानियां,450,14, 12, 1,--
-- राजकीय कन्या महाविद्यालय कालांवाली, 385, 12, 3, 1, 18
- राजकीय मनीराम झोरड़ कॉलेज ऐलनाबाद
कॉलेजों में लेक्चरर की कमी को लेकर उच्चतर शिक्षा विभाग को कई बार पत्र लिख चुके हैं। लेकिन जवाब में कोई पत्र नहीं दिया जा रहा। नेशनल कॉलेज के पास भी लेक्चरर की कमी है इसलिए 2 या 3 लेक्चरर को एक्सटेंशन पर गोरीवाला कॉलेज में पढ़ाने के लिए भेजा जाता है।
-संदीप गोयल, प्राचार्य नेशनल कॉलेज सिरसा।
महाविद्यालय डिंग के विद्यार्थी लेक्चरर की मांग को लेकर भाजपा नेता के पास पहुंचे
राजकीय महाविद्यालय में नए सत्र की कक्षाएं लगनी शुरू हो गई है। लेकिन कॉलेज में लेक्चरर ना होने के कारण विद्यार्थियों को बिना पढ़ाई किए ही घर लौटना पड़ रहा है। स्टाफ सदस्यों की मांग को लेकर सोमवार को विद्यार्थी हल्का विधायक गोपाल कांडा को मांग पत्र देने के लिए सिरसा गए। सोमवार को मांग पत्र देने के लिए छात्र पंकज कुमार, चंद्रभान, संजय वर्मा, संजय कुमार, किरण, रितु, सोनिया, अंजू, ज्योति रानी, करिश्मा व सरला ने बताया कि कॉलेज में करीब 350 विद्यार्थी हैं, लेकिन कॉलेज में एक ही लेक्चरर आता है। जिसके कारण पाठ्यक्रम के अन्य विषयों पर पढ़ाई नहीं हो पाती। इसके साथ कॉलेज में कमरों की कमी है जिससे हर तरह से पढ़ाई में बाधा हो रहीं हैं।
600 विद्यार्थी ले रहे हैं शिक्षा
राजकीय मनीराम झोरड़ कॉलेज मीठी सुरेरा का प्राचार्य पद का एडशिनल चार्ज कॉलेज के लेक्चरर के पास है। इस समय संस्थान से 600 विद्यार्थी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। 20 स्वीकृत पदों पर 15 स्थायी व 2 लेक्चरर एक्सटेंशन पर है, जबकि वर्कलोड 24 लेक्चरर का है।
कॉलेज में पढ़ाने के लिए हर रोज नेशनल व महिला महाविद्यालय से एक अध्यापक जाता है। स्टाफ की कमी को लेकर मुख्यालय को पत्र लिखा गया है लेकिन कोई फीडबैक नहीं मिल रहा है।
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-रामकुमार जांगड़ा, प्राचार्य महिला महाविद्यालय सिरसा।
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