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डिलीवरी के दौरान बदला दिया बच्चा

Sat, 25 Oct 2014 08:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सिरसा
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सामान्य अस्पताल में डिलीवरी के दौरान बच्चा बदले जाने के आरोप लगने से हड़कंप मचा हुआ है।
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पीड़ित परिवार ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज करवाकर बच्ची का डीएनए टेस्ट करवाने की मांग की है।

उधर, चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि शिकायतकर्ता परिवार को सुनने में गलती हुई कि लड़का हुआ है। दंपति की पहले ही चार लड़कियां है, इस वजह से वह ऐसे आरोप लगा रहा है।

प्रशासन नवजात बच्चे का डीएनए टेस्ट करवाने को तैयार है और सोमवार को बच्चे के रक्त का सैंपल लेकर इसे जांच के लिए मधुबन स्थित लैब में भेजा जाएगा।

19 अक्टूबर की शाम करीब साढे़ पांच बजे सामान्य अस्पताल के डिलीवरी वार्ड में एक साथ तीन डिलीवरी हुई थी। गांव कुतियाना निवासी राजू उर्फ राजकुमार की पत्नी सुमन इनमें शामिल थी।
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सुमन का केस डॉक्टर कविता सहारण के पास था। सुमन की सास संतोष का आरोप है कि जब सुमन को बच्चा हुआ तो डिलीवरी स्टाफ ने बाहर आकर उससे कहा कि ‘बधाई हो, लड़का हुआ है’।

लड़का होने पर उन्होंने स्टाफ को नकदी के रूप में बधाई भी दी। करीब आधे घंटे के बाद डिलीवरी स्टाफ ने उन्हें बताया कि सुमन ने लड़की को जन्म दिया है।

यह सुनकर परिवार वालों के होश उड़ गए। सुमन के पति राजू का आरोप है कि डिलीवरी के दौरान उनका बच्चा बदला गया है।

स्टाफ ने पहले लड़का पैदा होने की बात कही और बाद में नवजात लड़की उन्हें सौंप दी। सुमन के पहले से ही चार लड़कियां हैं।

ऐसे में बेटा होने की सूचना पर पूरा परिवार जश्न मना रहा था। अस्पताल प्रशासन ने बच्चा बदलकर सारी खुशी पल भर मेें समाप्त कर दी।

राजू का कहना है कि अगर पहले ही बताया जाता कि सुमन ने लड़की को जन्म दिया है तो तब भी उसे खुशी होती, लेकिन अब सवाल ये है कि अस्पताल प्रशासन ने किसी और की बच्ची उन्हें सौंपी है।
सुनने में गलती हुई : डॉ. सुभाषिणी
सामान्य अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाषिणी ने कहा कि राजू के पहले से ही चार लड़कियां हैं। पांचवीं लड़की होने के बाद उसने बेबुनियाद आरोप डिलीवरी स्टाफ पर लगाया है।

उस दिन दो महिला को लड़के और सुमन को लड़की हुई थी। बच्चे बदलने जैसे कोई घटना नहीं हुई। जहां तक सच्चाई पता लगाने का सवाल है

तो नवजात बच्ची का डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। इसके बाद आरोप लगाने वालों की सच्चाई सामने आ जाएगी।
मां ने नवजात को नहीं पिलाया दूध
डिलीवरी के बाद सुमन ने अपनी नवजात बच्ची को लेेने से इंकार कर दिया। एमएस डॉ. सुभाषिणी ने बताया कि परिवार वालों ने साफ बोल दिया कि ये लड़की उनकी नहीं है।

इसके बाद नवजात बच्ची को नर्सरी में रखा गया है। मां द्वारा दूध नहीं पिलाने के कारण बच्ची को मिल्क पाउडर पिला रहे हैं।
बाल संरक्षण अधिकारी को देंगे बच्ची को
परिवार द्वारा अपनी बच्ची को अपनाने से इंकार करने के बाद अस्पताल प्रशासन ने बाल संरक्षण अधिकारी से संपर्क साधा है।

चिकित्सा अधीक्षक का कहना है कि बच्ची का डीएनए सैंपल लेकर उसे जांच के लिए मधुबन स्थित लैब में भेजा जाएगा।

जब तक रिपोर्ट नहीं आती बच्ची को कुछ दिनों बाद ससरोल स्थित बाल संरक्षण केंद्र में भेजा जाएगा। इस केंद्र में बच्चों की हर प्रकार से देखरेख की जाती है।

यह फैसला बल संरक्षण अधिकारी को लेना है कि सामान्य अस्पताल से बच्ची को ससरोल कब भेजा जाए।
लापरवाही बरती गई है : जांच अधिकारी
मामले की जांच कर रहे जेजे पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई मंगल सिंह ने बताया कि शुरुआती जांच में डिलीवरी स्टाफ द्वारा लापरवाही बरतने की बात तो जरूर सामने आ रही है,
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लेकिन बच्चा बदले जाने के आरोपों में अभी कोई ठोस तथ्य नहीं मिले हैं। जांच अधिकारी मंगल सिंह का कहना है कि डीएनए टेस्ट के सैंपल लेकर 36 घंटों के अंदर उसे मधुबन लैब में भेजना जरूरी होता है।

रविवार को छुट्टी है। ऐसे में सोमवार को बच्ची का सैंपल लेकर उसे डीएनए टेस्ट के लिए भेजा जाएगा।
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