डबवाली। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत डबवाली स्टेशन का कायाकल्प किया गया है। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि भारतीय रेलवे देश की जीवन रेखा है। राज्यपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार ने रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया है। वहीं, राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने मंडी डबवाली रेलवे स्टेशन का अवलोकन किया। उन्होंने टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र पर कर्मचारियों और यात्रियों से बातचीत की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित मंडी डबवाली रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया। बीकानेर से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देशभर के 103 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों को राष्ट्र को समर्पित किया। मंडी डबवाली रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर लगभग 13 करोड़ रुपये की लागत आई है।
इस मौके पर वीरवार को मंडी डबवाली में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि वह स्वयं रेलमंत्री रह चुके हैं और जानते है कि गांव के लोगों को सबसे ज्यादा रेल सेवा पसंद है। भारतीय रेलवे को देश की एकता का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पूर्व से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण को जोड़ती है।
राज्यपाल ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर से नौकरियां, आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, जिससे राज्य की प्रगति को गति मिलेगी। राज्यपाल ने कहा कि 103 स्टेशनों के पुनर्विकास का लोकार्पण एक एतिहासिक क्षण है। यह न केवल यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाएगा, बल्कि पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा।
यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा
राज्यपाल ने बताया कि पुनर्विकसित स्टेशन में आधुनिक सुविधाएं जैसे टिकट काउंटर, विशाल वेटिंग हॉल, दिव्यांगजनों के लिए विशेष व्यवस्थाएं, वाटर बूथ, बेहतर साइनेज, कोच इंडिकेशन बोर्ड, और फुट ओवर ब्रिज शामिल किए गए हैं। सर्कुलेटिंग एरिया में आगमन-प्रस्थान की बेहतर व्यवस्था और पार्किंग सुविधा में सुधार किया गया है। प्लेटफार्म शेल्टर गर्मी और बारिश में यात्रियों को राहत प्रदान करेंगे।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर विधायक डबवाली आदित्य देवीलाल, उपायुक्त शांतनु शर्मा, पुलिस अधीक्षक निकिता, एसडीएम अर्पित संगल, पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल, नॉर्थ वेस्टर्न रेलवे के एजीएम अशोक माहेश्वरी, सीमा शर्मा, भाजपा जिलाध्यक्ष डबवाली रेणु शर्मा, सतीश जग्गा, राजेंद्र सिंह देसूजोधा, विजय वधवा, विकास कालूआना, बलदेव सिंह मांगेआना आदि मौजूद रहे।